बांग्लादेश संसदीय चुनाव में बीएनपी की बंपर जीत, तारिक होंगे अगले प्रधानमंत्री

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ढाका। Bangladesh new PM Tarique Rahman: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने शुक्रवार को हुए संसदीय चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल कर ली है। जिसके बाद पिछले 18 महीनों से अस्थिर रहने वाले इस दक्षिण एशियाई देश में स्थिरता आने की उम्मीद बन गई है।

गुरुवार को हुए संसदीय चुनाव में BNP ने भारी बहुमत से जीत हासिल कर ली है, जिससे पिछले कई सालों से बांग्लादेश से बाहर रहने वाले तारिक रहमान अब अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं।

पिछले तीन दशकों में ऐसा पहली बार हुआ है जब अवामी लीग का चुनाव निशान ‘नाव’ बैलेट पेपर से गायब था। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) का मुकाबला जमात-ए-इस्लामी और युवाओं की बनी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के नेतृत्व वाले 11-पार्टी गठबंधन से था।

तारिक रहमान पिछले 17 सालों से देश से बाहर निर्वासित जिंदगी जी रहे थे और अब वो प्रधानमंत्री बनने वाले हैं। उन्होंने देश में कानून का राज बहाल करने और गारमेंट्स सेक्टर में नई जान फूंकने पर फोकस करते हुए एक “नया रास्ता” अपनाने का वादा किया है।

वहीं, जमात-ए-इस्लामी ने जीत हासिल करने के लिए पूरी जान झोंक दी थी, लेकिन जैसा की आकलन रिपोर्ट में भी पता चला था, जमात सरकार बनाने की स्थिति में नहीं आने वाली थी।

बांग्लादेश चुनाव-2026 की 10 बड़ी बातें

  1. ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक तारिक रहमान की BNP ने अभी तक 151 सीटें जीत ली हैं और 120 से ज्यादा सीटों पर वो आगे चल रही है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी को सिर्फ 43 सीटें ही मिल पाई हैं। कुछ और सीटों पर वो आगे चल रही है।
  2. बांग्लादेश चुनाव में 350 संसदीय सीटे हैं, जिनमें 50 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जिनपर मतदान नहीं होते। 300 सीटों पर वोट डाले जाते हैं और इस बार एक कैंडिटेट के निधन से 299 सीटों के लिए ही मतदान हुए। शेरपुर-3 सीट पर अब बाद में मतदान होंगे। जो 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, उन्हें जनरल सीटों पर पार्टियों के रिप्रेजेंटेशन के आधार पर चुना जाता है।
  3. आजादी के बाद से बांग्लादेश में हुआ ये पहला चुनाव था, जिसमें दोनों पूर्व प्रधानमंत्री मौजूद नहीं थी। ना तो शेख हसीना और ना ही खालिदा जिया। खालिदा जिया का पिछले साल आखिर में निधन हो गया था, जबकि शेख हसीना अगस्त 2024 के बाद भारत आ गई थीं।
  4. शेख हसीना की अवामी लीग को इस बार चुनाव लड़ने से रोक दिया था, जिसके पास अभी भी 35-40 प्रतिशत वोट हैं। बांग्लादेश चुनाव में शेख हसीना की पार्टी का असर दिखा है और सिर्फ 48 प्रतिशत वोटिंग होने का मतलब है कि चुनाव के बहिष्कार की अवामी लीग के नेताओं की अपील का भी असर हुआ है। शेख हसीना का बांग्लादेश में जड़ें कितनी मजबूत है, इससे इसका भी पता चलता है।
  5. BNP का मुख्य मुकाबला जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाला 11-पार्टी के गठबंधन से था। जमात खुद पहले BNP के साथ चुनाव लड़ती थी। जमात के साथ छात्रों की बनाई पार्टी NCP ने हाथ मिलाया था, जिसका गठन शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद हुआ। लेकिन वो चुनाव में कोई भी असर छोड़ने में नाकाम रही है। छात्र नेता आपसी गुटबाजी का शिकार रहे।
  6. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के गायेश्वर चंद्र रॉय 1971 में बांग्लादेश की आजादी के बाद ढाका से पहले हिंदू MP बन सकते हैं। रॉय के ढाका 3 सीट अच्छे मार्जिन से जीतने की उम्मीद है।
  7. बांग्लादेश में इस बार दो वोट डाले गये हैं। एक सांसद के चुनाव के लिए और दूसरा वोट मोहम्मद यूनुस के ‘जुलाई चार्टर रेफरेंडम’ के लिए। जुलाई चार्टर, देश की संसदीय व्यवस्था में सुधार लाने के लिए बनाया गया है, जिसे सभी पार्टियों ने समर्थन किया है। इसके देश देश की संसद में दो सदन बनाना, एक शख्स के लिए अधिकतम दो बार प्रधानमंत्री ही बनना, चुनाव से 90 दिन पहले केयरटेकर सरकार बनाना जैसी बातें शामिल हैं।
  8. स्थानीय ब्रॉडकास्टर जमुना टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, BNP और उसके साथियों ने 211 सीटें जीती हैं और पार्लियामेंट में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। ब्रॉडकास्टर ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी अलायंस ने 70 सीटें जीती हैं, जबकि दूसरी पार्टियों ने छह सीटें जीती हैं। उसने कहा कि 299 सीटों में से 287 के नतीजे अब घोषित हो चुके हैं। BNP अलायंस में गोनो ओधिकार पोरीशाद और गोनो सोंगहोटी आंदोलन शामिल हैं।
  9. BNP चेयरमैन तारिक रहमान ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से आज जुमे की नमाज के बाद पूरे देश में खास नमाज करने की अपील की है। इसके साथ ही उन्हें कोई भी जीत की रैली या सार्वजनिक जश्न न मनाने का निर्देश दिया है। ऐसा उनके प्रेस सेक्रेटरी सालेह शिबली ने जानकारी दी है।
  10. बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के अमीर डॉ. शफीकुर रहमान ने गुरुवार को कहा कि अगर वोटिंग का मौजूदा ट्रेंड जारी रहता है तो पार्टी चुनाव के नतीजे मान लेगी। कल शाम 7 बजे ढाका-15 के लिए पार्टी के मुख्य चुनाव ऑफिस, जो C लाउंज रेस्टोरेंट में है, में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए शफीकुर ने कहा कि “चुनाव के शुरुआती नतीजे आने लगे हैं। अभी कोई नतीजा निकालना जल्दबाजी होगी, लेकिन हमें लोगों पर भरोसा है। शुरुआती संकेत मिल रहे हैं, लेकिन कुछ भी गारंटी नहीं दी जा सकती। देश का हित हमारी प्राथमिकता है। ज्यादातर इलाकों में, शुरुआती नतीजों में हम आगे चल रहे हैं। हमें थोड़ा और इंतज़ार करना होगा।”