नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में आम आदमी को टैक्स के मोर्चे पर बड़ी राहत दी है। इनकम टैक्स में वैसे तो कोई छूट नहीं दी है लेकिन कई ऐसे बदलाव किए गए हैं जिनसे लोगों को काफी राहत महसूस होगी।
खासकर, विदेश में संपत्ति बेचने वाले एनआरआई (NRI) और विदेश में रहने वाले छोटे-मोटे एसेट्स (संपत्ति) का खुलासा न करने वालों को बड़ी छूट मिली है। साथ ही, टैक्स रिटर्न भरने की समय सीमा भी बढ़ाई गई है। वहीं इनकम छिपाने वालों को भी जेल नहीं होगी।
नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल से लागू होगा
वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू हो जाएगा। इसके नियम और टैक्स रिटर्न फॉर्म जल्द ही जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सब बहुत तेजी से पूरा किया गया है। नए नियम और फॉर्म ऐसे बनाए गए हैं कि आम आदमी भी आसानी से उनका पालन कर सके। इससे टैक्स भरने की प्रक्रिया और भी सरल हो जाएगी।
NRI के लिए प्रॉपर्टी बेचने का झंझट खत्म
अब एनआरआई के लिए अपनी प्रॉपर्टी बेचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। पहले एनआरआई को प्रॉपर्टी बेचते समय TDS काटने और जमा करने के लिए एक खास नंबर TAN (Temporary Accounting Number) लेना पड़ता था। यह प्रक्रिया थोड़ी पेचीदा थी।
अब सरकार ने इसे सरल बना दिया है। बजट 2026 के प्रस्ताव के अनुसार, अब प्रॉपर्टी खरीदने वाले भारतीय खरीदार ही TDS काटेंगे और उसे अपने PAN वाले चालान के जरिए जमा कर देंगे। इससे एनआरआई को TAN लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उनका काम आसान हो जाएगा।
कई बार लोग विदेश में छोटी-मोटी संपत्ति रखते हैं, लेकिन टैक्स रिटर्न में उसका खुलासा करना भूल जाते हैं। ऐसे लोगों के लिए भी बजट में एक अच्छी खबर है। सरकार ने ऐसे लोगों को राहत दी है जिनकी विदेश में रखी गई गैर-अचल संपत्ति (Non-immovable foreign assets ) की कुल कीमत 20 लाख रुपये से कम है।
अगर उन्होंने इसका खुलासा नहीं भी किया है, तो भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। यानी, उन्हें सजा से छूट मिल जाएगी। यह नियम 1 अक्टूबर 2024 से लागू होगा, जिससे छोटे-मोटे विदेशी एसेट्स रखने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।
टैक्स रिटर्न भरने का समय बढ़ा
सरकार ने टैक्स रिटर्न रिवाइज (संशोधित) करने की समय सीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च कर दिया है। इसके लिए बस एक छोटा सा शुल्क देना होगा। जो लोग ITR 1 और ITR 2 भरते हैं, वे पहले की तरह 31 जुलाई तक अपना रिटर्न भर सकेंगे। जिन व्यवसायों को ऑडिट की जरूरत नहीं है और ट्रस्ट, उन्हें अब 31 अगस्त तक का समय मिलेगा। इससे लोगों को आराम से अपना टैक्स रिटर्न भरने का मौका मिलेगा।
अपील के दौरान ब्याज पर राहत
अगर किसी टैक्सपेयर पर कोई जुर्माना लगाया जाता है और वह उसके खिलाफ पहली अपीलेट अथॉरिटी में अपील करता है, तो अपील के नतीजे चाहे जो भी हों, उस दौरान लगने वाले ब्याज से उसे छूट मिलेगी। यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि कई बार अपील लंबी चलने पर ब्याज का बोझ काफी बढ़ जाता है।
इनकम छिपाने वालों को नहीं होगी जेल
बजट में वित्त मंत्री ने टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए कहा कि अब इनकम छिपाने वालों को जेल नहीं होगी। सरकार ने इनकम टैक्स कानून को अपराध की श्रेणी से बाहर निकालने (Decriminalization) की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि अगर किसी टैक्सपेयर की इनकम में गड़बड़ी पाई जाती है या टैक्स छिपाया गया है तो उसे अब जेल नहीं जाना होगा। सिर्फ जुर्माना देकर मामला खत्म कर दिया जाएगा। यह नया बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले ‘नए इनकम टैक्स एक्ट’ का हिस्सा होगा।

