नई दिल्ली। बड़े बाजारों में कम आवक, महाराष्ट्र और राजस्थान में मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) पर जारी सरकारी खरीद और क्रशिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स की मजबूत खरीद के कारण, 3-9 जनवरी के हफ्ते में सोयाबीन का प्लांट डिलीवरी प्राइस 100-200 रुपये बढ़कर 5000 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर पहुंच गया। हिंगोली में एक यूनिट में यह 5300 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया, जो 5328 रुपये प्रति क्विंटल के सपोर्ट प्राइस से थोड़ा कम है।
राजस्थान के कोटा की यूनिट्स में सोयाबीन का भाव 125 रुपये बढ़कर 5000-5500 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गया। सोयाबीन के भाव में अच्छी-खासी बढ़ोतरी के कारण मध्य प्रदेश में रिफाइंड सोयाबीन तेल का भाव भी 15-30 रुपये प्रति 10 kg और महाराष्ट्र में 20-40 रुपये प्रति 10 kg बढ़ गया।
सोयाबीन रिफाइंड तेल
मुंबई में रिफाइंड सोयाबीन तेल का दाम 10 रुपये और हल्दिया में 15 रुपये बढ़कर 1270 रुपये प्रति 10 kg हो गया। कोटा में यह 30 रुपये बढ़कर 1310 रुपये प्रति 10 kg और कांडला में 35 रुपये बढ़कर 1285 रुपये प्रति 10 kg हो गया। इंटरनेशनल मार्केट में सोयाबीन डीगम्ड तेल के दाम भी काफी बढ़ गए। दिसंबर 2025 के दौरान भारत में सोयाबीन तेल का इंपोर्ट काफी बढ़ा है और जनवरी में भी इंपोर्ट मजबूत रहने की उम्मीद है।
आवक
इस हफ़्ते, नेशनल लेवल के बाज़ारों में सोयाबीन की आवक 3 जनवरी को 2.60 लाख बैग, 5 और 6 जनवरी को 3.10 लाख बैग, 7 और 8 जनवरी को 3.50 लाख बैग और 9 जनवरी को 3.80 लाख बैग रही। हर बैग का वज़न 100 kg या 1 क्विंटल है। महाराष्ट्र में सोयाबीन मील (DOC) की भारी ट्रेडिंग हुई, जिससे कीमत ₹2000-3000 प्रति टन बढ़ गई।

