प्लांटों की डिमांड से सोयाबीन की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव

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नई दिल्ली। देश के टॉप तीन प्रोड्यूसिंग राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान -की बड़ी मार्केट (मंडियों) में सोयाबीन की सप्लाई नॉर्मल तरीके से हो रही है। इसलिए, क्रशर और प्रोसेसर की डिमांड के हिसाब से कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

फरवरी के आखिरी हफ्ते और मार्च के पहले हफ्ते में सोयाबीन प्लांट डिलीवरी की कीमतों में काफी बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन 7-13 मार्च के हफ्ते में कीमतों में सिर्फ थोड़ा उतार-चढ़ाव देखा गया।

मौजूदा 2025-26 सीज़न के लिए सोयाबीन का मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) ₹5,328 प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके उलट, मध्य प्रदेश में मौजूदा प्लांट डिलीवरी प्राइस ₹5,450-₹5,550 प्रति क्विंटल, महाराष्ट्र में ₹5,550-₹5,650 प्रति क्विंटल और राजस्थान में ₹5,425-₹5,450 प्रति क्विंटल बताए जा रहे हैं।

रिफाइंड सोया तेल: सोयाबीन की कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से, रिफाइंड सोया तेल के रेट में भी थोड़ी रिकवरी देखी गई। इस सेगमेंट में 55 प्रति 10 किलोग्राम तक की बढ़ोतरी देखी गई। इस हफ़्ते, कोटा और मुंबई दोनों में रिफाइंड सोया तेल की कीमतें ₹50 प्रति 10 kg बढ़कर क्रमशः 1,440 और 1,400 प्रति 10 kg पर पहुँच गईं। इसी तरह, कांडला और हल्दिया में कीमतें *45 प्रति 10 kg बढ़कर क्रमशः *1,390 और 1,415 प्रति 10 kg पर पहुँच गईं।

सोयाबीन की आवक: नेशनल लेवल पर, सोयाबीन की रोज़ाना की एवरेज आवक लगभग 200,000 बैग (हर बैग का वज़न 100 kg) रिकॉर्ड की गई।

सोया डीओसी: हालांकि, सोया DOC (डी-ऑइल केक) की घरेलू और एक्सपोर्ट डिमांड कमजोर रही, जिससे इसकी कीमतों में आम तौर पर ₹500 से 1,500 प्रति टन की गिरावट आई। महाराष्ट्र के एक प्लांट में इसकी कीमत 4,000 से 45,000 प्रति टन तक गिर गई।