प्लांटों की ऊंचे भाव पर मांग नहीं होने से सोयाबीन में ज्यादा तेजी की संभावना नहीं

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र में मिनिमम सपोर्ट प्राइस पर लगातार सरकारी खरीद की वजह से 29 नवंबर से 5 दिसंबर के हफ़्ते में आम तौर पर ₹40-60 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई, जबकि मध्य प्रदेश में मिलर्स की कम खरीद की वजह से कीमतों में सुधार हुआ।

प्लांट डिलीवरी कीमतें
सोयाबीन की प्लांट डिलीवरी कीमतें मध्य प्रदेश में सुधरकर ₹45-75 प्रति क्विंटल और महाराष्ट्र में 4,700 प्रति क्विंटल हो गईं, लेकिन ₹5,328 प्रति क्विंटल के मिनिमम सपोर्ट प्राइस से काफी नीचे रहीं। विदेशों से सस्ते सोयाबीन तेल के भारी इम्पोर्ट से घरेलू बाज़ार पर दबाव पड़ रहा है, जबकि बड़े उत्पादक राज्यों के बाज़ारों में भी सोयाबीन की अच्छी आवक देखी जा रही है।

देश भर में सोयाबीन की आवक 3 दिसंबर को 7.25 लाख बैग तक पहुंच गई, लेकिन 4 दिसंबर को घटकर 6.20 लाख बैग और 5 दिसंबर को 4.90 लाख बैग रह गई। हर बैग का वज़न 100 kg (1 क्विंटल) है।

सोयाबीन डीओसी
मध्य प्रदेश में सोयाबीन DOC की ट्रेडिंग में गिरावट आई, जबकि महाराष्ट्र में इसमें सुधार हुआ। महाराष्ट्र में कीमतों में मिला-जुला ट्रेंड देखा गया, जिसमें 200-300 प्रति टन की गिरावट से लेकर 1,500 प्रति टन की बढ़ोतरी तक शामिल थी।

सोयाबीन रिफाइंड तेल
हालांकि, रिफाइंड सोयाबीन तेल की कीमतों में ज़्यादा उतार-चढ़ाव नहीं हुआ और यह ज़्यादातर स्थिर रही, कुछ इलाकों में यह ₹5-10 प्रति 10 kg तक बढ़ी। मुंबई में रिफाइंड सोयाबीन तेल की कीमतें 100 बढ़कर 1,250 प्रति 10 kg हो गईं, जबकि कोटा में यह 1,280 और कांडला में 1,245 प्रति 10 kg पर स्थिर रहीं। आने वाले समय में सोयाबीन तेल की प्लांट डिलीवरी कीमत एक तय रेंज में ऊपर-नीचे हो सकती है।