ऊर्जा मंत्री नागर ने जनसुनवाई कर मौके पर किया निस्तारण, अधिकारियों को दिए निर्देश
कोटा। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने मंगलवार को इंद्र विहार स्थित अपने निजी आवास पर जनसुनवाई की। इस दौरान क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं से अवगत कराया। जनसुनवाई में प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को भी तलब किया गया था। जिससे कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर आमजन को राहत प्रदान की गई।
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और किसानों के हितों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मीडिया से बात करते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि को लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर से विस्तृत चर्चा की है।
उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिए हैं कि पूरे संभाग में प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए ताकि नुकसान का सटीक आकलन हो सके। किसानों को यथासंभव मुआवजा जल्द से जल्द मिल सके।
बढ़ती गर्मी को देखते हुए मंत्री नागर ने बिजली और पेयजल की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन की पहुंच नहीं है। वहां टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जाए। सरकार द्वारा बिजली और पानी की उपलब्धता की निरंतर समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा रही है।
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए मंत्री नागर ने कहा कि गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए सरकार ने 150 रुपये का अतिरिक्त बोनस देने का निर्णय लिया है। किसानों को तकनीकी और प्रक्रियात्मक परेशानियों से बचाने के लिए रेवेन्यू डिपार्टमेंट को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
पोर्टल को फिर से खोल दिया गया है ताकि कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रहे। गिरदावरी की प्रक्रिया को भी सरल और विधिवत किया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिन किसानों के टोकन जारी हो चुके हैं, उनके गेहूं की तुलाई हर हाल में सुनिश्चित की जाएगी।
थर्मल यूनिट्स नहीं होंगी बंद, केंद्र से मांगी अतिरिक्त बिजली
ऊर्जा मंत्री ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें थर्मल पावर इकाइयों को बंद करने की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा कि यह केवल भ्रम फैलाया जा रहा है, कोई भी इकाई बंद नहीं होगी। ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की थर्मल पावर इकाइयों को बंद करने की खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
गर्मी के सीजन में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार अतिरिक्त बिजली की उपलब्धता के लिए केंद्र सरकार से भी निरंतर संपर्क में है। उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देना प्राथमिकता है।
किसानों को बोनस और गेहूं खरीद पर विशेष ध्यान
खेतों में आग लगने से फसलों के नुकसान पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई की जाए और प्रभावितों को नियमानुसार सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि एमएसपी के साथ 150 रुपये अतिरिक्त बोनस का लाभ दिया जा रहा है। पंजीकरण के लिए पोर्टल खुला है। वहीं गिरदावरी प्रक्रिया को भी आसान किया गया है। टोकन धारी सभी किसानों के गेहूं की शत-प्रतिशत तुलाई के निर्देश दिए गए हैं। बारिश से खराब हुई फसल के मुआवजे के लिए भी सर्वे कर उचित कार्रवाई करने के लिए कहा हैं।

