प्रज्ञासागर के पदारोहण दिवस पर प्रज्ञा लोक राष्ट्रीय कार्यालय का उद्घाटन

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कोटा। आचार्य प्रज्ञासागर मुनिराज के आचार्य पदारोहण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय गुरु आस्था परिवार, कोटा द्वारा समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दादाबाड़ी में संस्था के राष्ट्रीय कार्यालय “प्रज्ञा लोक” का विधिवत उद्घाटन सकल दिगंबर जैन समाज समिति, कोटा के अध्यक्ष प्रकाश बज एवं महामंत्री पदम बड़ला द्वारा किया गया।

आचार्य प्रज्ञासागर गुरूदेव भी वर्चअल कार्यक्रम से जुडे और उन्होने गुरू आस्था परिवार के कार्य की प्रशंसा कर उन्हे अपना आशीर्वाद दिया और चातुर्मास को स्वर्णिम चातुर्मास बताया।

गुरूदेव ने गुरू आस्था परिवार के उद्देश्यों विश्व मैत्री व मानव कल्याण के प्रति सदैव सजग, सक्रिय और कर्मरत रहने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में अष्टद्रव्यों से पूजन किया गया तथा समाजजनों ने गुरुदेव की महिमा का गुणगान करते हुए अर्घ समर्पित किया।

अर्पित सर्राफ भैया के स्वर लहरियों के साथ भक्ति गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।ओ बाबा तेरी रहमतों का हुआ ऐसा असर खुशियां पता पूछता मेरा ढूंढती है घर….प्रज्ञा सागर गुरुवर जी का करते भावों से आवाहन हृदय कमल में आन विराजो करते बारंबार नमन…प्रज्ञा सागर गुरूवर सबके मन को हर लेते है…भजनो पर करबद्ध होकर भक्तो ने गुरूदेव को नमन किया।

कार्यक्रम में राजस्थान प्रांत के महामंत्री जगदीश जिंदल,एएसपी प्रवीण जैन,कोषाध्यक्ष अजय जैन खटकीडा,सुरेश हरसौरा, संजीव निर्माण सहित ने क्रमवार गुरुदेव के व्यक्तित्व, तप, सेवा और मानव कल्याण के संदेश पर विचार व्यक्त किए।

गुरू आस्था परिवार के चेयरमैन यतीश जैन खेड़ावाला ने बताया कि गुरु आस्था परिवार का उद्देश्य सेवा, साधना और समाज कल्याण के कार्यों को गति देना है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव के “एक करोड़ वृक्षारोपण” संकल्प को जनभागीदारी से पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

अध्यक्ष लोकेश जैन सीसवाली ने बताया कि “प्रज्ञा लोक” कार्यालय भवन में महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठजनों के लिए स्वास्थ्य संवाद, सांस्कृतिक गतिविधियां, जैन मेले तथा पारंपरिक खेलों जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

सकल जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज ने कहा कि गुरुदेव के लक्ष्य मानव कल्याण से जुड़े हैं और इसमें संपूर्ण समाज की सहभागिता आवश्यक है। वहीं कार्याध्यक्ष जे.के. जैन ने सामाजिक सेवा कार्यों को और अधिक विस्तार देने का आह्वान करते हुए वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर भी अपने विचार व्यक्त किए।