कोटा। जीवन में ठान लेने का मतलब है कि आधी जीत आप पहले ही हासिल कर चुके हैं। यह प्रेरक संदेश भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी आनंदवर्धन शुक्ला ने गुरुवार को मोशन एजुकेशन के दक्ष कैंपस में आयोजित मेंटल हेल्थ सेशन के दौरान विद्यार्थियों को दिया। इस सत्र में उन्होंने न केवल छात्रों की पढ़ाई और करियर से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के व्यावहारिक उपाय भी साझा किए।
मोशन एजुकेशन की ओर से आयोजित यह सत्र विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा और आत्मविश्वास का संगम साबित हुआ। आनंदवर्धन ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव और जीवन की वास्तविक घटनाओं को साझा करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मानसिक मजबूती, समय प्रबंधन और आत्म-अनुशासन सबसे बड़े हथियार हैं। इस दौरान कोटा शहर पुलिस अधीक्षक श्रीमती तेजस्विनी गौतम भी मौजूद थीं।
मोशन एजुकेशन के फाउंडर और सीईओ नितिन विजय ने कहा-ऐसे सेशन्स का उद्देश्य विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक रूप से, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाना है। हम चाहते हैं कि हमारे छात्र सिर्फ अच्छे अंक ही न लाएं, बल्कि जीवन की हर चुनौती का सामना आत्मविश्वास से कर सकें।
इससे पहले आनंदवर्धन शुक्ला ने छात्रों से सीधा संवाद करते हुए उनकी दैनिक पढ़ाई में आने वाली अड़चनों को सुना और उनके समाधान बताए। उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान तनाव, डर और आत्मसंदेह आना स्वाभाविक है, लेकिन इन्हें सही सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण से दूर किया जा सकता है। उनका सुझाव था—हर दिन को छोटे-छोटे लक्ष्यों में बांटकर आगे बढ़ो। इससे बोझ कम होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
विद्यार्थियों के सवालों के दिए जवाब
सत्र के अंत में प्रश्नोत्तर दौर में विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासा खुलकर सामने रखीं। किसी ने परीक्षा के दबाव को कम करने के तरीके पूछे तो किसी ने असफलता के बाद दुबारा उठ खड़े होने के सुझाव मांगे।
आनंदवर्धन ने विस्तार से उत्तर देते हुए कहा-असफलता हार नहीं, बल्कि सीखने का एक नया मौका है। जिस दिन आप हार मान लेते हैं, उसी दिन असफलता स्थायी हो जाती है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को पढ़ाई और सफलता का आधार बताते हुए कहा कि पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और ध्यान जैसी आदतें न केवल पढ़ाई की क्षमता बढ़ाती हैं, बल्कि लंबे समय तक एकाग्रता बनाए रखने में भी मदद करती हैं। उन्होंने छात्रों से मोबाइल और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की अपील करते हुए कहा कि यह समय और ऊर्जा की सबसे बड़ी बर्बादी है।
प्रेरक व्यक्तित्व
कार्यक्रम के प्रारंभ में नीट डिवीजन के हेड अमित वर्मा ने बताया कि आनंदवर्धन शुक्ला पुलिस महानिरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने राजस्थान में लगभग 37 वर्षों तक पुलिस के विभिन्न पदों पर कार्य किया। वे क्रोएशिया और कई अन्य देशों में मानवाधिकार प्रशिक्षक के रूप में संयुक्त राष्ट्र के साथ जुड़े रहे और बोस्निया में संयुक्त राष्ट्र शांतिदूत के रूप में भी सेवाएं दीं। इसके अलावा, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज के निदेशक के रूप में भी उन्होंने कार्य किया।

