एक्सप्रेस-वे समेत कई सड़क-रेल परियोजनाओं का किया उद्घाटन
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे और राज्य में विकास की रफ्तार को नई गति देते हुए यहां उन्होंने 20,000 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य, शहरी विकास, जनजातीय विकास और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों से जुड़ी हुई हैं।
इसके अलावा प्रदेश के वाव थराद जिले के नानी गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ऐसे समय में जब दुनिया युद्ध, अशांति और बढ़ती ईंधन कीमतों से जूझ रही है, भारत ने अपनी मजबूत विदेश नीति और अपने लोगों की एकजुटता के कारण स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाला है।
इस दौरान उन्होंने मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की तुलना ‘राजनीतिक गिद्धों’ से करते हुए कहा कि वह पश्चिम एशिया युद्ध से पैदा हुए हालात का राजनीतिक फायदा उठाने के लिए ‘राजनीतिक गिद्ध’ की तरह घात लगाकर बैठी है।
सभा से पहले अपने गुजरात दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ने 5,100 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत से बने अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जो कि एक एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने साबरकांठा में इडर-बडोली बायपास सेक्शन के निर्माण और धोलावीरा-मौवाना-वाउवा-संतलपुर खंड (NH-754K का पैकेज-I) को अपग्रेड करने की आधारशिला भी रखी।
प्रधानमंत्री ने मंगलवार को राज्य में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के कुछ अहम प्रोजेक्ट्स की आधारशिला भी रखी, जिनमें गांधीनगर-कोबा-एयरपोर्ट रोड पर भाईजीपुरा जंक्शन पर बनने वाला फ्लाईओवर भी शामिल है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और फ्लाईओवर के नीचे व्यवस्थित पार्किंग की जगह भी मिलेगी।
इसके अलावा उन्होंने इसी रोड पर PDPU जंक्शन पर बने फ्लाईओवर ब्रिज का भी उद्घाटन भी किया। गांधीनगर को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली इस सड़क पर हर दिन 1 लाख 40 हजार से ज्यादा गाड़ियां चलती हैं। यह फ्लाईओवर अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच CH-0 जंक्शन से एयरपोर्ट तक ट्रैफिक के सुचारू और बिना किसी रुकावट के चलने को सुनिश्चित करेगा।
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने बिजली ट्रांसमिशन के कुछ अहम प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन भी किया, जिनमें खावड़ा पूलिंग स्टेशन-2 और 4.5 GW (गीगावाट) रिन्यूएबल एनर्जी को बाहर निकालने के लिए उससे जुड़े ट्रांसमिशन सिस्टम शामिल हैं। इन सभी प्रोजेक्ट्स की कुल लागत लगभग 3,650 करोड़ रुपए है। ये प्रोजेक्ट्स रिन्यूएबल एनर्जी के एकीकरण और ट्रांसमिशन क्षमता को मजबूत करेंगे।
रेलवे सेक्टर में प्रधानमंत्री ने कनालस-जामनगर दोहरीकरण प्रोजेक्ट (28 किमी) को राष्ट्र को समर्पित किया। यह प्रोजेक्ट राजकोट-कनालस दोहरीकरण प्रोजेक्ट (111.20 किमी) का ही एक हिस्सा है। इसके अलावा, उन्होंने गांधीधाम-आदिपुर सेक्शन (10.69 किमी) के चौहरीकरण (चार-लेन बनाने) का भी उद्घाटन किया।
PM मोदी ने हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा गेज परिवर्तन प्रोजेक्ट (54.83 किमी) का भी उद्घाटन किया, जिससे इस क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और यात्रियों की आवाजाही बेहतर होगी। उन्होंने खेड़ब्रह्मा-हिम्मतनगर-असरवा ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने पूरे गुजरात में लगभग 5,300 करोड़ रुपए की लागत वाले शहरी विकास के 44 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया और उनकी आधारशिला रखी। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी कई पहलों का भी उद्घाटन किया।
इनमें अहमदाबाद के असरवा स्थित सिविल अस्पताल में 858 बिस्तरों वाले ‘रेन बसेरा’ (आश्रय स्थल) का उद्घाटन, और गांधीनगर सिविल अस्पताल तथा GMERS मेडिकल कॉलेज में भी इसी तरह की सुविधा का उद्घाटन शामिल है। गांधीनगर।
प्रधानमंत्री ने पर्यटन परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें पाटन में ‘रानी की वाव’ में लाइट एंड साउंड शो और वडनगर में ‘शर्मिष्ठा झील’ पर वॉटर स्क्रीन प्रोजेक्शन शो शामिल हैं। साथ ही, उन्होंने बनासकांठा में ‘बलराम महादेव’ और ‘विश्वेश्वर महादेव’ में पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचों के कार्यों की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।
प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को लगभग 1,780 करोड़ रुपए की लागत वाली दो प्रमुख जल पाइपलाइन परियोजनाएं भी समर्पित कीं। इनमें बनासकांठा की ‘कसारा-दांतीवाड़ा पाइपलाइन’ और पाटण व बनासकांठा के बीच फैली ‘दिंद्रोल-मुक्तेश्वर पाइपलाइन’ शामिल हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने अंबाजी और उसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जल आपूर्ति योजना की आधारशिला भी रखी।
उन्होंने गांधीनगर जिले में ‘साबरमती रिवरफ्रंट’ विस्तार की तीन परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें कुल मिलाकर लगभग 1000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने अहमदाबाद के वेजलपुर में स्थित ‘सरकारी लड़कों के छात्रावास’ का उद्घाटन भी किया।
इसके बाद मोदी ने प्रदेश के वाव थराद जिले के नानी गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘ऐसे समय में जब दुनिया युद्ध, अशांति और बढ़ती ईंधन कीमतों से जूझ रही है, भारत ने अपनी मजबूत विदेश नीति और अपने लोगों की एकजुटता के कारण स्थिति को प्रभावी ढंग से संभाला है।’ उन्होंने कहा कि कुछ दल, विशेषकर कांग्रेस, राष्ट्रीय एकता का समर्थन करने के बजाय दहशत और भय फैलाकर स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

