राजस्थान में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए केंद्र से 81.12 करोड़ रुपये मंजूर
कोटा। PM e-Drive Scheme: राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ‘प्रधानमंत्री ई-ड्राइव’ योजना के तहत प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए भारत सरकार द्वारा 81.12 करोड़ रुपये की स्वीकृति दिए जाने का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन ‘विकसित राजस्थान’ के संकल्प को सिद्ध करने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम है। इस बजट से राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा प्रदेश के 262 चिह्नित स्थानों पर कुल 591 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। जिससे राज्य में क्लीन एनर्जी के प्रति आमजन का भरोसा बढ़ेगा।
ऊर्जा मंत्री श्री नागर ने विशेष रूप से कोटा संभाग के संदर्भ में हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि औद्योगिक और शैक्षणिक हब के रूप में अपनी पहचान रखने वाले कोटा में 28 नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कोटा को भविष्य के स्मार्ट और प्रदूषण मुक्त शहर के रूप में विकसित करना हमारी प्राथमिकता है। इन स्टेशनों की स्थापना से शहर के भीतर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर चालकों को सुलभ चार्जिंग की सुविधा मिलेगी। जिससे स्थानीय परिवहन सुगम होगा और कोचिंग विद्यार्थियों और पर्यटकों को भी पर्यावरण अनुकूल यातायात के विकल्प मिलेंगे।
योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यह विस्तार केवल शहरों तक सीमित नहीं है। जयपुर में 112, अजमेर में 49 और उदयपुर में 39 चार्जिंग स्टेशनों के साथ-साथ प्रदेश के मुख्य राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर 34 स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
मंत्री नागर ने स्पष्ट किया कि इन स्टेशनों के लिए सरकारी विभागों की भूमि का उपयोग किया जाएगा। जिससे परियोजना का क्रियान्वयन त्वरित गति से हो सकेगा। राजमार्गों पर चार्जिंग नेटवर्क मजबूत होने से अंतर-राज्यीय और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ईवी उपभोक्ताओं की ‘रेंज एंग्जायटी’ (बैटरी खत्म होने का डर) समाप्त होगी।
ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा कि ‘पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवॉल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (पीएम ई-ड्राइव)’ योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कार्बन उत्सर्जन को न्यूनतम करना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम इस पूरी परियोजना की प्रभावी मॉनिटरिंग करेगा ताकि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक तकनीक वाले चार्जिंग पॉइंट स्थापित हों। ऊर्जा मंत्री ने विश्वास जताया कि इस पहल से राजस्थान न केवल ग्रीन एनर्जी के उत्पादन में बल्कि हरित परिवहन के उपयोग में भी देश का अग्रणी राज्य बनेगा। जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और प्रदूषण मुक्त वातावरण मिल सकेगा।

