पिछले 11 महीनों में मंडियों में सरसों की आवक 105 लाख टन रही

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जयपुर। आपूर्ति का ऑफ सीजन होने से दिसम्बर जनवरी में सरसों की आवक कम हुई लेकिन फिर भी मार्च 2025 से जनवरी 2026 के 11 महीनों में इसकी आवक 100 लाख टन से ऊपर पहुंच गई। इससे क्रशिंग-प्रोसेसिंग इकाइयों को नियमित रूप से समुचित मात्रा में सरसों हासिल होती रही और इसकी क्रशिंग भी बढ़ गई।

जयपुर में चांदपोल की अनाज मंडी में अवस्थित लोकप्रिय एवं विश्वसनीय प्रतिष्ठान मैसर्स मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल चतर द्वारा संचालित आंकड़ों के अनुसार चालू रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर मंडियों में मार्च 2025 में 14.50 लाख टन, अप्रैल में 15.00 लाख टन, मई में 11.00 लाख टन, जून में 10.00 लाख टन, जुलाई में 8.00 लाख टन, अगस्त में 7.50 लाख टन, सितम्बर में 7.00 लाख टन, अक्टूबर में 7.50 लाख टन, नवम्बर में 6.50 लाख टन तथा दिसम्बर में 4.00 लाख टन सरसों की आपूर्ति हुई जबकि जनवरी 2026 में इसकी मात्रा 4.50 लाख टन दर्ज की गई।

इसके अलावा सरकारी क्रय केन्द्रों पर मार्च 2025 में 50 हजार टन, अप्रैल में 9.00 लाख टन तथा मई में 25 हजार टन सरसों पहुंची। इस तरह खुली मंडियों एवं सरकारी क्रय केन्द्रों को मिलाकर मार्च 2025 से जनवरी 2026 के दौरान कुल 105.25 लाख टन सरसों की आवक हुई।

मरुधर ट्रेडिंग एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार नैफेड एवं हैफेड जैसी सरकारी एजेंसियों के पास 7 लाख टन सरसों का पुराना स्टॉक था जबकि चालू सीजन के दौरान उसने 9.75 लाख टन की खरीद की।

इसमें से 14.75 लाख टन की बिक्री हो चुकी है और अब उसके पास महज 2 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक तेल मिलों द्वारा मार्च 2025 के जनवरी 2026 के 11 महीनों में 109.25 लाख टन सरसों की क्रशिंग की गई। जनवरी में 7 लाख टन की पेराई हुई।

1 मार्च 2025 को 1 लाख टन सरसों का पिछला स्टॉक मौजूद था जबकि जनवरी 2026 तक 105.25 लाख टन की आपूर्ति हुई। इसमें 9.75 लाख टन की खरीद सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई जबकि पिछले स्टॉक के साथ उसे 14.75 लाख टन सरसों बेचने में सफलता मिल गई

क्योंकि सरसों का खुला बाजार भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी ऊंचा चल रहा था। 1 फरवरी 2026 को किसानों के पास 5 लाख टन व्यापारियों / मिलर्स के पास 2 लाख टन तथा सरकारी एजेंसियों के पास भी 2 लाख टन के साथ देश में कुल 9 लाख टन सरसों का स्टॉक बचा हुआ था।