परफेक्ट रिश्ते की तलाश के बजाय सही रिश्ते के चयन पर ध्यान जरूरी

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विवाह की जटिलताओं पर विशेषज्ञों ने बताए समाधान

कोटा। समग्र दिगंबर जैन बघेरवाल महिला प्रकोष्ठ के तत्वावधान में विवाह तय होने में तकलीफ़, और हो जाए तो टिकने में तकलीफ़, कारण व समाधान विषय पर आयोजित ऑनलाइन परिचर्चा में गंभीर मंथन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से जुड़े प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

प्रकोष्ठ की अध्यक्ष सीमा हरसोरा ने बताया कि परिचर्चा में महाराष्ट्र के नागपुर से प्रख्यात वक्ता प्रफुल्ल पारेख ने वर्तमान समय में विवाह संस्थान के समक्ष खड़ी जटिलताओं और उनके व्यवहारिक समाधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि परफेक्ट रिश्ते की तलाश के बजाय सही रिश्ते के चयन पर ध्यान केंद्रित करना आवश्यक है। उनके प्रेरणादायी वक्तव्य ने उपस्थित सदस्यों को व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में लगभग 150 सदस्यों की उल्लेखनीय सहभागिता रही, जिससे आयोजन अत्यंत सार्थक सिद्ध हुआ। प्रकोष्ठ की सचिव प्रियंका हरसोरा ने जानकारी दी कि इस अवसर पर समाज के कई गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

इनमें पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष निर्मल ठग (भीलवाड़ा), पूर्व केंद्रीय महामंत्री नरेश सुरलाया, ‘बघेरवाल दर्पण’ के संपादक सुभाष सेठिया (इंदौर), निशांत बघेरवाल (भीलवाड़ा), मीना ठोरा (इंदौर), अमित हरसोरा (भानपुरा), सुषमा हरसोरा (कोटा) एवं राजेंद्र जी ताथेड़िया प्रमुख रूप से शामिल रहे।

कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन नीलिमा डुंगरवाल, पूजा सेठिया, बीना सुरलाया एवं सोना सेठिया द्वारा किया गया। अंत में आयोजकों ने विश्वास जताया कि इस प्रकार की संवादपरक पहल समाज को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेंगी।