धनिया के भाव में अब और तेजी नहीं, जनवरी में नई फसल आने का अनुमान

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नई दिल्ली। इस हफ़्ते धनिया मार्केट में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। प्रॉफ़िट-बुकिंग, बिकवाली और कमज़ोर स्पॉट डिमांड की वजह से हफ़्ते के बीच में फ़्यूचर्स और स्पॉट मार्केट दोनों में मंदी का कारोबार हुआ। फ़्यूचर्स में तो मंदी का सर्किट भी लग गया। स्पॉट मार्केट में धनिया का भाव गिरकर 300/410 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया।

हालांकि, हफ़्ते के आखिर में फ़्यूचर्स में मज़बूत क्लोजिंग प्राइस की वजह से स्पॉट भाव अपने पिछले लेवल पर ही मज़बूत रहे। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अभी के भाव में ज़्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं है, लेकिन ट्रेडर्स को उम्मीद है कि दिसंबर में महीने के बीच में ज़्यादा दामों पर कीमतों में कटौती की उम्मीद में फ़्यूचर्स ट्रेडर्स फिर से दाम बढ़ाएंगे। महीने के बीच में कटौती के बाद भी भाव कम रहेंगे, क्योंकि जनवरी में गुजरात के बाज़ारों में नया धनिया आना शुरू हो जाएगा।

धनिया की कीमतों में हाल ही में 20-22 प्रति kg की बढ़ोतरी के बाद, उम्मीद है कि मध्य प्रदेश में पहले के अनुमान से ज़्यादा एरिया में इसकी बुआई होगी। बुआई का काम अभी ज़ोरों पर है। पहले के अनुमानों में इस साल मध्य प्रदेश में बुआई के एरिया में 15-20 परसेंट की कमी बताई गई थी, लेकिन गुना और अशोकनगर इलाकों में अच्छी बुआई की रिपोर्ट से बुआई में बढ़ोतरी का संकेत मिल रहा है।

इसके अलावा, गुजरात एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के इस हफ़्ते जारी किए गए डेटा के मुताबिक, 1 दिसंबर 2025 तक राज्य में 55,333 हेक्टेयर में धनिया की बुआई हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी समय में यह 41,721 हेक्टेयर था।

राजस्थान में धनिया की बुआई 15-20 परसेंट कम होने का अनुमान है। गौरतलब है कि साल 2024 के दौरान देश में 3.64 लाख हेक्टेयर में धनिया की बुआई हुई थी, जो 2025 में घटकर 3.37 लाख हेक्टेयर रह गई।

साल 2023 के बाद देश में धनिया का प्रोडक्शन और स्टॉक कम हो रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, साल 2023 में देश में धनिया का प्रोडक्शन 1160 करोड़ बैग होने का अनुमान था। यह साल 2024 में घटकर 1.10/1.20 करोड़ बैग रह गया। साल 2025 में प्रोडक्शन और घटकर करीब 1 करोड़ बैग रह गया।

प्रोडक्शन में कमी के साथ-साथ स्टॉक भी कम हो गया। साल 2024 में नई फसल के समय, प्रोड्यूसिंग सेंटर्स पर धनिया का स्टॉक 40/45 लाख बैग था, जो साल 2025 में घटकर 35/38 लाख बैग बताया गया। मौजूदा सीजन में स्टॉक और घटकर 20-25 लाख बैग रहने की उम्मीद है।

जहां तक ​​खपत की बात है, तो खपत और एक्सपोर्ट मिलाकर हमारी सालाना धनिया की जरूरत करीब 1.5 लाख बैग है। इसलिए, आने वाली फसल और बाकी स्टॉक को मिलाकर 2026 के दौरान धनिया की कुल अवेलेबिलिटी कम रहेगी।

ट्रेडर्स का कहना है कि नई सप्लाई आने के बाद कीमतों में गिरावट आ सकती है। हालांकि, नई सप्लाई आने तक मार्केट में ज़्यादा गिरावट नहीं है। अभी, प्रोड्यूसिंग मार्केट में ईगल धनिया का प्राइस Rs. 9000/9300 और बादामी का प्राइस Rs. 8800/9000 प्रति क्विंटल चल रहा है।

निर्यात: चालू फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की पहली छमाही में धनिया का एक्सपोर्ट 11 परसेंट बढ़ा, जबकि रेवेन्यू 12 परसेंट बढ़ा। स्पाइसेस बोर्ड की तरफ से जारी डेटा के मुताबिक, अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान धनिया का एक्सपोर्ट 33025 टन हुआ और एक्सपोर्ट से 345.86 करोड़ रुपये की कमाई हुई। जबकि अप्रैल-सितंबर 2024 में 29671 टन धनिया एक्सपोर्ट हुआ और एक्सपोर्ट से 309.46 करोड़ रुपये की कमाई हुई। साल 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान धनिया का कुल एक्सपोर्ट 60324 टन हुआ जबकि साल 2023-24 में धनिया का रिकॉर्ड एक्सपोर्ट 108624 टन हुआ।