नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान धनिया की कीमतों में नरमी रही। अभी हाल-फिलहाल तेजी की संभावना नहीं है। हालांकि चालू सीजन के दौरान प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात के अलावा मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में भी धनिया की बिजाई गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचार मिल रहे हैं। लेकिन चालू माह के दौरान गुजरात एवं मध्य प्रदेश की मंडियों में नए धनिया की आवक शुरू हो जाने की संभावना है। जिस कारण से अभी धनिया के भाव दबे रहेंगे।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में धनिया की बिजाई 3.64 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जोकि वर्ष 2024 के दौरान देश में धनिया की बिजाई 3.64 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जोकि वर्ष 2025 में घटकर 3.37 लाख हेक्टेयर की रह गई है। चालू सीजन के दौरान बिजाई में और कमी आने की संभावना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गत वर्ष मध्य प्रदेश में धनिया की बिजाई 1.62 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जबकि गुजरात में बिजाई का क्षेत्रफल 128 लाख हेक्टेयर का रहा। राजस्थान में बिजाई 47 हजार हेक्टेयर पर हुई थी।
चालू सप्ताह के शुरू में गुजरात कृषि विभाग द्वारा जारी किए आंकड़ों के अनुसार 29 दिसम्बर तक राज्य में धनिया की बिजाई 1.17 लाख हेक्टेयर पर की जा चुकी है। जोकि गत वर्ष की इसी समयावधि की तुलना में लगभग 7500 हेक्टेयर कम है।
स्टॉक एवं उत्पादन
जानकार सूत्रों का कहना है कि विगत तीन वर्षों से धनिया उत्पादन में कमी आने के कारण स्टॉक भी घट रहा है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान नई फसल के समय धनिया का स्टॉक 40/45 लाख बोरी का माना जा रहा था। जोकि वर्ष 2025 में घटकर 35/36 लाख बोरी का रह गया।
चालू सीजन के दौरान स्टॉक 20/25 लाख बोरी रह जाने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उत्पादन 1.60 करोड़ बोरी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था जोकि वर्ष 2024 में घटकर 1.15/1.20 करोड़ बोरी का रह गया। वर्ष 2025 में पैदावार एक करोड़ बोरी के आसपास मानी गई थी। वर्ष 2026 के दौरान उत्पादन में ओर गिरावट आने के समाचार मिल रहे हैं। सूत्रों का मानना है कि उत्पादन 90/95 लाख बोरी के आसपास रहेगा।
उपलब्धता घटी
वर्ष 2026 के दौरान धनिया की उपलब्धता खपत की तुलना में कम रहेगी। उल्लेखनीय है कि सालाना खपत एवं निर्यात को मिलाकर लगभग 1.40/1.50 करोड़ बोरी की आवश्यकता होती है लेकिन चालू सीजन के दौरान 90/95 लाख बोरी उत्पादन एवं 20/25 लाख बोरी बकाया स्टॉक को मिलाकर कुल उपलब्धता लगभग 1.20 करोड़ बोरी की रहेगी। जिस कारण से वर्ष 2026 के दौरान धनिया की कीमतें ऊंची रहने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे हैं।
वर्तमान में धनिया की कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है क्योंकि उत्पादक केन्द्रों पर जल्द ही नए मालों की आवक शुरू हो जाएगी। लेकिन नए मालों की आवक बढ़ने के पश्चात भी कीमतों में अधिक मन्दा नहीं आएगा और भाव गत वर्ष की तुलना में अधिक रहेंगे। गत वर्ष नई फसल आने के समय उत्पादक केन्द्रों पर धनिया ईगल का भाव 7000/7300 रुपए एवं बादामी 6800/7000 रुपए चल रहा था। जबकि वर्तमान में उत्पादक केन्द्रों पर धनिया ईगल के भाव 9200/9500 रुपए एवं बादामी के भाव 9000/9200 रुपए बोले जा रहे हैं।
निर्यात
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम सात माह में धनिया का निर्यात मात्रात्मक रूप में 9 प्रतिशत एवं आय में 10 प्रतिशत अधिक रहा है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर 2025 के दौरान धनिया का निर्यात 37346 टन का हुआ और निर्यात से प्राप्त आय 395.40 करोड़ रुपए की रही। जबकि अप्रैल-अक्टूबर- 2024 के दौरान निर्यात 34365 टन का हुआ था और आय 359.69 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 के दौरान धनिया का कुल निर्यात 60324 टन का रहा था।

