इंदौर। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सोपा) की नवीनतम मासिक रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) को प्रथम माह यानी अक्टूबर 2025 के दौरान देश भर की मंडियों में कुल 15 लाख टन सोयाबीन की आवक हुई जो अक्टूबर 2024 की आवक 18 लाख टन से 3 लाख टन कम रही। लेकिन सोयाबीन की क्रशिंग 9.50 लाख टन से बढ़कर 10.50 लाख टन पर पहुंच गई। इस अवधि में 45 हजार टन का घरेलू उपयोग एवं 1 हजार टन का निर्यात हुआ।
सोपा ने सोयाबीन का घरेलू उत्पादन 2024-25 सीजन के 125.82 लाख टन से 16.3 प्रतिशत या 20.46 लाख टन घटकर 2025-26 के सीजन में 105.36 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान लगाया है।
सोपा की रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में 4.66 लाख टन के पिछले स्टॉक 105.36 लाख टन के उत्पादन एवं 6 लाख टन के आयात के साथ सोयाबीन की कुल उपलब्धता 116.02 लाख टन पर पहुंचेगी।
इसमें से 12 लाख टन का स्टॉक अगली बिजाई के लिए आरक्षित रखा जाएगा और शेष 104.02 लाख टन का स्टॉक क्रशिंग- प्रोसेसिंग सहित अन्य उद्देश्यों के लिए उपलब्ध रहेगा। अक्टूबर 2025 के अंत में देश के अंदर 87.10 लाख टन सोयाबीन का स्टॉक मौजूद था।
जहां तक सोयामील का सवाल है तो सोपा का कहना है कि अक्टूबर 2025 में इसका उत्पादन सुधरकर 8.29 लाख टन पर पहुंचा जबकि 68 हजार टन के पिछला बकाया स्टॉक के साथ इसकी कुल उपलब्धता 8.97 लाख टन हो गई।
इसमें से 1.63 लाख टन का निर्यात हुआ, 70 हजार टन का उपयोग खाद्य उद्देश्य में किया गया और 5.50 लाख टन का उपयोग पशु आहार निर्माण में हुआ। इसके बाद 1 नवम्बर 2025 को 1.14 लाख टन सोयामिल का स्टॉक बच गया। मंडियों में सोयाबीन की अच्छी आपूर्ति हो रही है।

