दुबई में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कोटा के डॉ. रोहित दाधीच ने बढ़ाया राजस्थान का गौरव

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हर्निया के उपचार में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लाभों पर आधारित शोध पत्र प्रस्तुत किए

कोटा। Dubai Hernia Summit 2026: ईथॉस हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट एवं क्लिनिकल लीड (एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक, बैरियाट्रिक एवं जनरल सर्जरी) डॉ. रोहित दाधीच ने अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा जगत में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राजस्थान और देश का नाम रोशन किया है।

उन्हें दुबई हर्निया समिट 2026 में विशेष आमंत्रित वक्ता के रूप में बुलाया गया, जहाँ उन्होंने अपनी उन्नत शल्य-चिकित्सा शोध प्रस्तुतियां साझा कीं।

इस प्रतिष्ठित वैश्विक सम्मेलन में डॉ. दाधीच ने इंगुइनल हर्निया एवं जटिल एब्डॉमिनल वॉल हर्निया के उपचार में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लाभों पर आधारित अपने दो वैज्ञानिक शोध पत्र प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों को सम्मेलन में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ एवं प्रख्यात हर्निया विशेषज्ञों द्वारा विशेष सराहना मिली।

दुबई हर्निया समिट 2026 में विश्वभर से हर्निया सर्जरी के क्षेत्र के जाने-माने सर्जन, विशेषज्ञ और शोधकर्ता शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि इस सम्मेलन में राजस्थान से आमंत्रित और सहभागिता करने वाले एकमात्र सर्जन डॉ. रोहित दाधीच रहे, जो प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

डॉ. रोहित दाधीच ने अमेरिका की विश्वविख्यात Cleveland Clinic (USA) से एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक, बैरियाट्रिक एवं कॉम्प्लेक्स एब्डॉमिनल वॉल हर्निया सर्जरी का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त वे नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में कंसल्टेंट के रूप में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में दस वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. दाधीच को लेप्रोस्कोपिक हर्निया एवं गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल (G.I.) सर्जरी का विशेषज्ञ माना जाता है। आधुनिक न्यूनतम इनवेसिव सर्जरी तकनीकों में उनकी विशेष पहचान है।

कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने शोध और कार्य की प्रस्तुति ने उन्हें देश के सबसे युवा एवं उभरते हुए लेप्रोस्कोपिक सर्जनों की श्रेणी में स्थापित किया है।

डॉ. रोहित दाधीच की इस उपलब्धि से न केवल ईथॉस हॉस्पिटल, बल्कि कोटा और पूरे राजस्थान का नाम अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा समुदाय में गौरवान्वित हुआ है। चिकित्सा विशेषज्ञों और शहरवासियों ने उनकी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे युवा सर्जनों के लिए प्रेरणास्रोत बताया है।