शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए अंकुर अग्रवाल व ध्रुव गुप्ता स्वर्ण पदक से सम्मानित
कोटा। राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, कोटा के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शनिवार को विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि जीवन की एक नई शुरुआत है। यह वह पड़ाव है जहां से युवा अपने ज्ञान, विचार और दृष्टिकोण से समाज और देश के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि भारत ने विश्व को ऐसे कई इंजीनियर दिए हैं जिन्होंने वैश्विक मंच पर देश का नाम रोशन किया है। कोटा को उन्होंने ‘औद्योगिक और शैक्षिक नगरी’ की उपाधि देते हुए कहा कि यह शहर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है।
अपने उद्बोधन में उन्होंने महात्मा बुद्ध के प्रसिद्ध वाक्य ‘अप्प दीपो भवः’ अपना दीपक स्वयं बनो को उद्धृत करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को चाहिए कि वह अपने भीतर प्रकाश उत्पन्न करे और अपनी मेधा से न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व को आलोकित करें।
उन्होंने भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, श्री एम. विश्वेश्वरैया, सुंदर पिचाई, सत्य नडेला तथा वर्गीस कुरियन जैसे महान व्यक्तित्वों का उदाहरण देते हुए बताया कि इन विभूतियों ने न केवल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपितु सामाजिक उत्थान में भी अद्वितीय योगदान दिया है।
राज्यपाल ने डॉ. कलाम के नाम का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नाम में ‘अवुल पकिर जैनुल आब्दीन अब्दुल कलाम’ उनके गांव, उनके पिता और भारतीय संस्कृति के मूल्यों का प्रतीक है जो यह दर्शाता है कि हमारी जड़ें हमारी पहचान होती हैं।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नौकरी की तलाश करने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनें। उन्होंने कहा कि आज भारत सरकार युवाओं की हैंडहोल्डिंग के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से समर्थन प्रदान कर रही है। यह समय अपनी बौद्धिक क्षमता के विकास का है।
राज्यपाल बागड़े ने ‘श्वेत क्रांति’ के जनक वर्गीस कुरियन का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अपने कार्य में इतने समर्पित थे कि उनकी पहचान स्वयं उनका कार्य बन गया। यही उदाहरण आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का सशक्त माध्यम है।
189 डिग्रियां प्रदान की गईं
समारोह में कुल 189 डिग्रियां प्रदान की गईं। जिनमें से कम्प्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग (सीएसई) में 123 बीटेक डिग्री, इलेक्ट्रोनिक्स और कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) में 62 बी टेक डिग्री व आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डेटा इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता के साथ सीएसई में 4 एम टेक डिग्री प्रदान की गईं। वहीं शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए अंकुर अग्रवाल (सीएसई) व ध्रुव गुप्ता (ईसीई) को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) ए.के. भट्ट, निदेशक प्रो. एन.पी. पाढ़ी, विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी, जिला कलक्टर पीयूष समारिया, पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. अमृता दुहन, आईएएस प्रशिक्षु आराधना चौहान सहित संस्थान की फैकल्टी, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।

