दिसम्बर में सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात में बढ़ोतरी, पाम तेल का घटा

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मुम्बई। स्वदेशी खाद्य तेल उद्योग- व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों ने कमजोर मांग के कारण नवम्बर की तुलना में दिसम्बर 2025 के दौरान पाम तेल का सकल आयात 20 प्रतिशत घटकर 5.07 लाख टन पर अटक जाने का अनुमान लगाया है जो पिछले आठ माह यानी अप्रैल 2025 के बाद का न्यूनतम स्तर है।

ज्ञात हो कि भारत दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आयातक देश है। यहां पाम तेल का आयात घटने से इंडोनेशिया एवं मलेशिया में बकाया स्टॉक बढ़ने तथा बेंचमार्क वायदा मूल्य पर दबाव पड़ने की संभावना है।

हालांकि दिसम्बर में पाम तेल का आयात कम हुआ लेकिन सोयाबीन तेल तथा सूरजमुखी तेल के आयात में बढ़ोत्तरी हुई क्योंकि भारतीय रिफाइनर्स द्वारा इसके आयात में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई गई।

उद्योग व्यापार समीक्षकों के अनुसार नवम्बर के मुकाबले दिसम्बर में सोयाबीन तेल का आयात 37 प्रतिशत बढ़कर 5.08 लाख टन तथा सूरजमुखी तेल का आयात दोगुने से ज्यादा उछलकर 3.50 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है जो गत 17 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है। लम्बे अरसे के बाद दिसम्बर में सोयाबीन तेल का आयात पाम तेल से ज्यादा होने का अनुमान लगाया गया है।

इसके फलस्वरूप दिसम्बर 2025 में खाद्य तेलों का कुल आयात बढ़कर 13.70 लाख टन पर पहुंचने की संभावना व्यक्त की गई है जो नवम्बर से 19 प्रतिशत ज्यादा और गत तीन माह का सबसे ऊंचा स्तर है।

इस मात्रा में नेपाल से सड़क मार्ग से खाद्य तेलों का होने वाला शुल्क मुक्त आयात शामिल नहीं है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) का आंकड़ा अगले सप्ताह आ सकता है।