इंदौर। सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (सोपा) ने दिसंबर 2025 में देश से सोयामील का निर्यात घटकर 1.73 लाख टन पर अटकने का अनुमान लगाया है जो दिसंबर 2024 के शिपमेंट 2.77 लाख टन से काफी कम है।
सोपा के अनुसार दिसंबर 2025 में भारत से दुनिया के 47 देशों को सोयामील का निर्यात किया गया और इसमें से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), बांग्लादेश तथा नेपाल तीन शीर्ष खरीदार रहे। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि निर्यात क्षेत्र का समीकरण बदल रहा है।
पहले दक्षिण-पूर्व एशिया भारतीय सोयामील का सबसे प्रमुख निर्यात बाजार था और दक्षिण कोरिया, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, ताइवान तथा सिंगापूर जैसे देश इसके प्रमुख खरीदार बने हुए थे।
सोपा की रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2024 में देश के अंतर 8.68 लाख टन सोयामील का उत्पादन हुआ था जो दिसंबर 2025 में घटकर 7.50 लाख टन रह गया। वैसे घरेलू प्रभाग और खासकर पोल्ट्री उद्योग में सोयामील की अच्छी मांग देखी गयी।
एसोसिएशन ने 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान सोयाबीन का कुल घरेलू उत्पादन घटकर 105 लाख टन रह जाने का अनुमान लगाया है जो 2024-25 के उत्पादन 126 लाख टन से काफी कम है। अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही के दौरान देश में सोयामील का कुल उत्पादन घटकर 23.70 लाख टन रह जाने का अनुमान लगाया गया है जो अक्टूबर-दिसंबर 2024 के उत्पादन 24.10 लाख टन से कम है।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख उताप्दक राज्यों की महत्वपूर्ण मंडियों में दिसंबर 2025 के दौरान करीब 10 लाख टन सोयाबीन की आवक हुई जबकि दिसंबर 2024 में 12 लाख टन की आपूर्ति हुई थी।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान सोयामील के निर्यात में महज 11 हजार टन की गिरावट देखी गयी। इसका शिपमेंट अक्टूबर-दिसंबर 2024 के 5.18 लाख टन से गिरकर अक्टूबर-दिसंबर 2025 की तिमाही में 5.07 लाख टन पर अटक गया।

