कोटा। महावीर नगर विस्तार योजना स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी एवं आर्यिका विनयश्री माताजी (ससंघ, 12 पिच्छी) का मंगलमय शीतकालीन वाचना प्रवास श्रद्धा, भक्ति एवं धर्ममय वातावरण में निरंतर जारी है।
शनिवार को आयोजित धर्मसभा में दीप प्रज्वलन, शास्त्र भेंट एवं पाद पक्षालन का पुण्यलाभ पुण्यार्जक परिवार द्वारा अर्जित किया गया। धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति रही, जिससे परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष पवन टोला एवं महामंत्री पारस जैन ने बताया कि कल्पतरु मंडल विधान का आयोजन 23 से 30 दिसंबर तक संत नामदेव भवन में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विधान की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन को भव्य एवं सफल बनाने हेतु समिति सहित समाजजन उत्साहपूर्वक जुटे हुए हैं।
जीवन में पर-निंदा से दूरी ही सच्चा धर्म: धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य गणिनी आर्यिका विभाश्री माताजी ने कहा कि जीवन में पर-निंदा से दूरी ही सच्चा धर्म है। उन्होंने कहा कि निंदा से आत्मा पर कर्मों का बंधन बढ़ता है, जबकि संयम, क्षमा और सद्भाव से आत्मिक शुद्धि एवं उन्नति संभव है।
धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि हमारे आचरण, विचार और वाणी में प्रतिबिंबित होना चाहिए। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को संयमित, सदाचारी और करुणामय जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।
आर्यिका विशुद्धमति माताजी ससंघ होगा मंगल प्रवेश
गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी एवं ब्रह्मविद्या वाचस्पति, प्रज्ञा पद्मिनी करुणामूर्ति पट्टगणिनी आर्यिकारत्न श्री 105 विज्ञमति माताजी ससंघ का विशुद्ध मंगल प्रवेश रविवार को श्री चंद्र प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में संपन्न होगा। सकल दिगम्बर जैन समाज के कार्यध्यक्ष जे.के. जैन ने बताया कि पूज्य माताजी सवाई माधोपुर में चातुर्मास पूर्ण करने के पश्चात भगवान मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, केशवराय पाटन के दर्शन करते हुए स्टेशन दि.जैन मंदिर पहुंची। सात पिच्छी ससंघ के साथ उनका मंगलविहार प्रातः 7.00 बजे कोटा स्टेशन से प्रारंभ होगा।

