वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध पर देश को संबोधित किया है। भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह साढ़े छह बजे उन्होंने अपने भाषण में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का सैन्य अभियान सफल रहा है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी फौज ने बहुत कामयाबी के साथ ईरान की सैन्य क्षमताओं को खत्म करते हुए उनकी परमाणु हथियार हासिल करने की उम्मीद को खत्म किया है। उन्होंने ईरान में अमेरिका के लक्ष्य पूरे होने का ऐलान किया है।
राष्ट्र को संबोधित करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सेना ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत युद्ध के मैदान में तेज, निर्णायक और जबरदस्त जीत हासिल की है। यह एक ऐसी जीत है, जो बहुत कम लोगों ने पहले कभी देखी होगी। ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायुसेना तबाह हो चुकी है और उनके ज्यादातर नेता अब मारे जा चुके हैं।
ईरान की नेवी खत्म हो गई। उनकी एयरफोर्स तबाह हो गई उनके ज़्यादातर नेता मर चुके हैं और आईआरजीसी को भी कमजोर कर दिया गया है। उनका मिसाइल कार्यक्रम निशाना बना है। हमारा युद्ध का मकसद पूरा होने के करीब है।
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कंट्रोल पूरी तरह से खत्म किया जा रहा है। मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की उनकी क्षमता में भारी कमी आई है। उनकी हथियारों की फैक्ट्रियां तथा रॉकेट लॉन्चर टुकड़े-टुकड़े किए जा रहे हैं। अब उनमें से बहुत ही कम बचे रह गए हैं।
ट्रंप ने साफतौर पर कहा है कि अमेरिका अपने विभिन्न सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने के करीब है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका युद्ध के आर्थिक नतीजों से निपटने के लिए पहले से कहीं ज्यादा बेहतर रूप से तैयार है। ट्रंप ने इस सैन्य अभियान का विरोध करने वाले लोगों की भी आलोचना की है। उन्होने कहा कि लोगों ने उनको समझने की कोशिश नहीं की।
ईरान पर हमला बेहद जरूरी था क्योंकि वो न्यूक्लियर वेपन (परमाणु हथियार) बनाने के बेहद करीब पहुंच चुका था। हमने उनको ऐसा करने से रोक दिया है। हम ये साफ करना चाहते हैं कि ईरान को पमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप
होर्मुज पर बड़ा ऐलान
ईरान के होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सहयोगियों से कहा है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हिम्मत जुटाएं। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इसकी जरूरत नहीं है क्योंकि अमेरिका को खाड़ी के तेल और गैस की जरूरत नहीं है। अमेरिका के पास अपनी एनर्जी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी लोगों के नाम ऐसे समय संबोधन किया है, जह अमेरिका और इजरायल का ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा सैन्य अभियान दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष ने दुनिया के बड़े हिस्से को प्रभावित किया है। खासतौर से होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने ने दुनिया में एनर्जी संकट पैदा किया है।

