ट्रंप के गाजा प्लान को झटका, फ्रांस और कनाडा का बोर्ड में शामिल होने से इंकार

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पेरिस। Gaza Board of Peace: फ्रांस और कनाडा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस से दूरी बनाने का इशारा किया है। फ्रांस ने कहा है कि वह इसमें शामिल नहीं होगा तो कनाडा ने इसकी सदस्यता के लिए तय फीस नहीं देने की बात कही है।

ट्रंप के गाजा पर बोर्ड के गठन के ऐलान के बाद फ्रांस और कनाडा उन पहले देशों में से हैं, जिन्होंने साफ किया है कि वह इसको लेकर बहुत उम्मीद नहीं रखते हैं। यह ट्रंप के गाजा प्लान के लिए झटके की तरह आया है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के करीबी के हवाले से एएफपी ने बताया है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के निमंत्रण को स्वीकार करने का इरादा नहीं रखते हैं। यह बोर्ड मूल रूप से युद्धग्रस्त गाजा के पुनर्निर्माण की देखरेख के लिए बना है लेकिन चार्टर में इसकी भूमिका को कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्र तक सीमित नहीं किया गया है।

एएफपी ने यह भी बताया कि कनाडा बोर्ड में शामिल होने के लिए पेमेंट नहीं करेगा। हालांकि कनाडाई प्रधान मंत्री मार्क कार्नी ने संकेत दिया कि वह इस संस्था में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार करेंगे। सरकारी सूत्र के हवाले से कहा गया है कि कनाडा बोर्ड में सीट के लिए पेमेंट नहीं करेगा और ना ही इस समय कनाडा से ऐसा करने के लिए कहा गया है।

कनाडा सरकार के सूत्र ने कहा कि प्रस्तावित चार्टर अभी भी चर्चा के तहत एक दस्तावेज है। इसके लिए कई नियम और शर्तें तय की जा रही हैं। कार्नी ने शुरू में संकेत दिया था कि वह बोर्ड में शामिल होंगे क्योंकि इस प्रक्रिया को अंदर से आकार देने के लिए टेबल पर एक सीट होना महत्वपूर्ण है। हालांकि कनाडा का रुख इस पर बदल सकता है।

बोर्ड पर क्या कह रहे हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाले इस बोर्ड में पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, कनाडाई पीएम मार्क कार्नी और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल हैं। यह पैनल गाजा पुनर्निनिर्माण के लिए अमेरिकी योजना का अहम हिस्सा है। गाजा का बड़ा हिस्सा इजरायल के दो साल के हमलों से तबाह हो गया है।

डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस के सदस्य देशों को 1 अरब डॉलर यानी यानी करीब नौ हजार करोड़ भारतीय रुपए खर्च करने पड़ेंगे। यह भुगतान करने पर उन्हें बोर्ड में स्थायी सीट मिलेगी। यह बोर्ड गाजा के पुनर्निर्माण की देखरेख करेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कई देशों को इसमें शामिल होने के लिए न्योता दिया है।