वॉशिंगटन। Gaza Board of Peace: अमेरिका गाजा के लिए बनाए गए शांति बोर्ड या बोर्ड ऑफ पीस के सदस्य देशों से 1 अरब डॉलर के सदस्यता शुल्क की मांग करने वाला है। यह खुलासा ब्लूमबर्ग न्यूज ने शनिवार को एक ड्राफ्ट चार्टर का हवाला देते हुए किया है।
इसमें बताया गया है कि ट्रंप प्रशासन चाहता है कि सदस्य देश उनके शांति बोर्ड में बने रहने के लिए 1 अरब डॉलर का भुगतान करें। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसके पहले चेयरमैन के रूप में काम करेंगे और प्रत्येक सदस्य देश इस चार्टर के लागू होने की तारीख से तीन साल से ज्यादा समय तक काम नहीं करेगा, जिसे चेयरमैन चाहे तो रिन्यू कर सकते हैं।
व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को “गुमराह करने वाला” बताया और कहा कि “बोर्ड ऑफ पीस” में शामिल होने के लिए कोई न्यूनतम सदस्यता शुल्क नहीं है। व्हाइट हाउस ने X पर कहा, “यह सिर्फ उन पार्टनर देशों को स्थायी सदस्यता देता है जो शांति, सुरक्षा और समृद्धि के प्रति गहरी प्रतिबद्धता दिखाते हैं।” अमेरिका ने इस बोर्ड का सदस्य बनने के लिए खास लोगों और देशों को आमंत्रित किया है। इसमें शामिल सभी सदस्य अमेरिका के करीबी हैं।
शांति बोर्ड या बोर्ड ऑफ पीस एक तकनीकी विशेषज्ञों की कमेटी के काम की निगरानी करेगा, जिसे गाजा के अस्थायी शासन और उसके पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि कार्यकारी बोर्ड का हर सदस्य एक ऐसे विभाग का जिम्मा संभालेगा, जो गाजा में स्थिरता लाने के लिए बहुत अहम होगा।
बोर्ड ऑफ पीस में कौन-कौन शामिल
ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, अमेरिका के मध्य पूर्व के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर, प्राइवेट इक्विटी कंपनी अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल, बुल्गारिया के राजनेता और संयुक्त राष्ट्र के मध्य पूर्व के दूत निकोले म्लादेनोव शामिल हैं। इनके अलावा ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को गाजा ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
पीएम मोदी को भेजा पत्र
ट्रंप ने मोदी को एक पत्र लिखा, जिसे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर साझा किया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को मध्य पूर्व में ‘शांति बहाल करने के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व शानदार प्रयास’ में शामिल होने और साथ ही ‘वैश्विक संघर्ष के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण’ पर काम करने के लिए आमंत्रित करना उनके लिए बहुत सम्मान की बात है।
गोर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्हें ट्रंप का निमंत्रण मोदी तक पहुंचाने का सम्मान मिला है, जिसमें उन्हें ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है और यह निकाय ‘गाजा में स्थायी शांति लाएगा’। राजदूत ने कहा कि बोर्ड स्थिरता और समृद्धि हासिल करने के लिए प्रभावी शासन का समर्थन करेगा।

