जून में क्रूड पाम समेत अन्य खाद्य तेलों का आयात बढ़ने का अनुमान

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मुम्बई। भारतीय बंदरगाहों पर 15 जून 2025 को 7,65,647 टन खाद्य तेलों का स्टॉक मौजूद था जो 30 जून 2025 को करीब 6 प्रतिशत घटकर 7,22,918 टन पर अटक गया।

जून में खाद्य तेलों का आयात बढ़ने का अनुमान लगाया गया है लेकिन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) का मासिक आंकड़ा सामने आने पर ही वास्तविक स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सकेगी।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 15 जून की तुलना में 30 जून 2025 को भारतीय बंदरगाहों पर क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का स्टॉक 2,35,675 टन से 1 प्रतिशत सुधरकर 2,37,169 टन तथा आरबीडी पामोलीन का स्टॉक 91,424 टन से 4 प्रतिशत बढ़कर 94,914 टन पर पहुंच गया

लेकिन क्रूड डिगम्ड सोयाबीन तेल का स्टॉक 1,77,362 टन से 10 प्रतिशत गिरकर 1,59,436 टन और क्रूड सूरजमुखी तेल का स्टॉक 2,53,859 टन से 12 प्रतिशत घटकर 2,22,719 टन पर अटक गया। अन्य खाद्य तेलों का स्टॉक इसी अवधि में 7327 टन से 18 प्रतिशत बढ़कर 8680 टन पर पहुंच गया।

उपरोक्त आंकड़ों से संकेत मिलता है कि विदेशों से आयातित खाद्य तेल की खेपों को भारतीय बंदरगाहों पर जून के दूसरे हाफ में जल्दी-जल्दी क्लीयरेंस प्राप्त हुई है और आयातकों द्वारा बंदरगाहों से उसके उठाव में भी जल्दबाजी दिखाई गई। मई में करीब 11.78 लाख टन खाद्य तेल का आयात हुआ था जबकि जून में इसका आंकड़ा काफी ऊंचा रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

इससे साफ संकेत मिलता है कि विशाल आयात के बावजूद जून के अंत तक आयातित खाद्य तेलों के अधिकांश भाग को रिफाइनिंग इकाइयों तक या सीधे घरेलू बाजार में पहुंचाने में कामयाबी मिल गई।

भारत में पाम श्रेणी के क्रूड एवं रिफाइंड खाद्य तेल का आयात मुख्यतः इंडोनेशिया एवं मलेशिया के तथा क्रूड डिगम सोयाबीन तेल का आयात अर्जेन्टीना एवं ब्राजील से होता है जबकि रूस, यूक्रेन एवं अर्जेन्टीना से विशाल मात्रा में सूरजमुखी तेल मंगाया जाता है।