जीरा के भाव अप्रैल तक बढ़कर 28,500 रुपए क्विंटल तक पहुंचने का अनुमान

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राजकोट। Jeera Price: सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- गुजरात में बिजाई क्षेत्र घटने तथा घरेलू एवं निर्यात मांग मजबूत रहने से जीरा की कीमतों में लम्बे समय तक नरमी या स्थिरता रहने के बाद अब धीरे-धीरे सुधार आने के संकेत मिल रहे हैं।

समीक्षकों का मानना है कि वर्ष 2026 में जीरा का भाव वर्ष 2024 एवं 2025 की तुलना में कुछ ऊपर रहेगा लेकिन 2023 के रिकॉर्ड स्तर तक इसका पहुंचना मुश्किल है।

निकट भविष्य में जीरा का दाम बढ़कर 28,500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच सकता है मगर उससे ऊपर तभी जा सकेगा जब फसल को प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान न हो अथवा घरेलू एवं निर्यात मांग जोरदार निकले।

अप्रैल 2026 तक जीरा की कीमत 27,500 से 28,500 रुपए प्रति क्विंटल के बीच घूमते रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

जीरा के वैश्विक उत्पादन में अकेले भारत का योगदान 75 प्रतिशत के करीब रहता है और यह सबसे प्रमुख निर्यातक देश भी बना हुआ है। वैश्विक बाजार की मांग पर जीरा का भाव काफी हद तक निर्भर करता है।

चीन इसका प्रमुख खरीदार रहा है। वहां फरवरी में जीरा की बिजाई शुरू होने वाली है जिस पर भारतीय व्यापारियों द्वारा गहरी नजर रखी जा रही है वहां बिजाई तथा फसल की तस्वीर अप्रैल तक स्पष्ट हो सकेगी।

यदि चीन में उत्पादन बढ़ने के संकेत मिलते हैं तो भारतीय जीरे की निर्यात मांग एवं कीमत पर असर पड़ सकता है लेकिन वहां उत्पादन घटने की स्थिति में भाव तेज हो सकता है।

अगर पश्चिम एशिया में तनाव, युद्ध अथवा अशांति का माहौल बना रहा तो जीरे की मांग प्रभावित हो सकती है। तुर्की, सीरिया, ईरान तथा अफगानिस्तान जैसे देशों में जीरा का नया माल आने में अभी लम्बा समय बाकी है।

जहां तक वायदा बाजार का दबाव है तो वहां केवल शार्ट कवरिंग के लिए ही नहीं बल्कि नई खरीदारी के लिए भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

एक्सचेंज में जीरा के उच्चतम एवं न्यूनतम औसत दैनिक मूल्य के बीच अंतर जनवरी 2026 में उछलकर 614 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया जो दिसम्बर के मूल्यान्तर 389 रुपए प्रति क्विंटल से लगभग 60 प्रतिशत ज्यादा है। इससे जीरा के कारोबार में निवेशकों की मजबूत भागीदारी का पता चलता है।