जनवरी में सूरजमुखी और सोयाबीन तेल का आयात घटा, पाम तेल का बढ़ा

0
5

मुंबई। वनस्पति तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के शीर्ष समीक्षकों ने दिसंबर 2025 की तुलना में जनवरी 2026 के दौरान भारत में खाद्य तेलों का कुल आयात 3.5 प्रतिशत गिरकर 13.20 लाख टन पर सिमट जाने का अनुमान लगाया है। इसके तहत पाम तेल के आयात में भारी बढ़ोत्तरी होने जबकि सोया तेल एवं सूरजमुखी तेल के आयात में काफी गिरावट आने की सम्भावना व्यक्त की गयी है।

उद्योग व्यापार क्षेत्र के निवेशकों के अनुसार दिसंबर के मुकाबले जनवरी में पाम तेल का आयात 5.07 लाख टन से उछलकर 7.66 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान है। जो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। दरअसल सॉफ्ट तेलों की तुलना में पाम तेल का भाव कमजोर होने से भारतीय आयातकों ने इसकी खरीद पर ज्यादा जोर दिया।

दूसरी ओर दिसंबर की तुलना में जनवरी माह के दौरान भारत में सोयाबीन तेल का आयात 45 प्रतिशत लुढककर 2.80 लाख टन तथा सूरजमुखी तेल का आयात 23 प्रतिशत गिरकर 2.69 लाख टन रह जाने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। समझा जाता है कि निर्यातक देशों में प्रचलित ऊंचे भाव तथा रूपये की विनिमय दर में आई भारी गिरावट के कारण कुछ भारतीय आयातकों ने सोया तेल के आयात अनुबंध को कैंसिल कर दिया था।

साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) की मासिक रिपोर्ट मध्य फरवरी के आसपास सामने आएगी जिसमें जनवरी माह के दौरान खाद्य तेलों के आयात का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया जाएगा। लेकिन इतना अवश्य है कि जनवरी में सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल का आयात कम हुआ, जबकि पाम तेल के आयात में वृद्धि हुई। यहाँ यह तथ्य भी ध्यान रखने लायक है कि खाद्य तेलों के उपरोक्त अनुमानित आयात में नेपाल से होने वाला शुल्क मुक्त आयात शामिल नहीं है।