नई दिल्ली। भारत ने चीन को पीछे छोड़कर नया मुकाम हासिल कर लिया है। हाल ही में भारत केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है।
कृषि मंत्री शिवराज ने बीते रविवार को एक कार्यक्रम यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि भारत 15.18 करोड़ टन के कुल उत्पादन के साथ चीन को पछाड़कर दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन गया है।
केंद्रीय मंत्री ने इस दौरान कहा है कि भारत जो कभी भोजन की कमी वाला देश था, अब वैश्विक खाद्य प्रदाता बन गया है। चौहान ने कहा, “चावल उत्पादन में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है।”
उन्होंने इसे एक अभूतपूर्व उपलब्धि बताते हुए कहा कि भारत का चावल उत्पादन चीन के 14.5 करोड़ टन की तुलना में 15.18 करोड़ टन तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भारत अब पूरी दुनिया के बाजारों में चावल की आपूर्ति कर रहा है।
184 नई किस्में जारी
इस दौरान चौहान ने 25 फसलों की 184 नई किस्में भी जारी की। उन्होंने कहा है कि नई उच्च उपज वाली बीज किस्मों से फसल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में बेहद इजाफा होगा। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि नई किस्में किसानों तक जल्दी पहुंचें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि देश ने अधिक उपज देने वाले बीजों के विकास में बड़ी सफलता हासिल की है। 1969 में राजपत्र अधिसूचना प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कुल 7,205 फसल किस्मों को अधिसूचित किया गया है, जिनमें चावल, गेहूं, ज्वार, मक्का, दालें, तिलहन, फाइबर फसलें शामिल हैं।
चौहान ने बताया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 3,236 अधिक उपज देने वाली किस्मों को मंजूरी दी गई है, जबकि 1969 से 2014 के बीच 3,969 किस्मों को अधिसूचित किया गया था।

