चिंता नहीं करें, भारत को ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से मिलेगी अतिरिक्त गैस की सप्लाई

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नई दिल्ली। ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया है। इससे भारत समेत कई देशों को क्रूड ऑयल और गैस की दिक्कत हो सकती है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य से आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नए विकल्प तलाश रहा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया, कनाडा समेत कई देशों ने भारत को अतिरिक्त गैस सप्लाई की पेशकश की है।

सूत्रों ने कहा मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति अब किसी एक समुद्री मार्ग पर निर्भर नहीं है। एक ही समुद्री मार्ग पर निर्भरता के दिन अब लद चुके हैं। भारत जितना तेल आयात करता है, उसका करीब आधा हिस्सा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। बाकी का क्रूड ऑयल अन्य मार्गों से आता है, जो अभी प्रभावित नहीं हैं।

कई जगह से आयात
भारत अपनी जरूरत का क्रूड ऑयल और गैस कई देशों से खरीदता है। इनमें ये प्रमुख हैं:

  • रूस
  • पश्चिम अफ्रीका
  • अमेरिका महाद्वीप
  • मध्य एशिया
  • खाड़ी क्षेत्र के बाहर के मिडिल ईस्ट देश

अमेरिका और यूएई के साथ नए समझौते
भारत ने हाल ही में अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे साझेदार देशों के साथ भी नई ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्थाएं की हैं। इसका मकसद है कि लंबी अवधि के लिए स्थिर सप्लाई सुनिश्चित हो सके। पिछले दस वर्षों में भारत ने अपनी तेल आपूर्ति के स्रोत 27 देशों से बढ़ाकर 40 देशों तक कर दिए हैं, जो छह महाद्वीपों में फैले हुए हैं।

भारत में पेट्रोल की कीमतों में कम बढ़ोतरी
वैश्विक संकट के कारण पिछले कुछ दिनों में क्रूड ऑयल की कीमत करीब 15 फीसदी बढ़ गई है। इसके बावजूद भारत में ईंधन कीमतों में अपेक्षाकृत कम वृद्धि हुई है। पाकिस्तान में पेट्रोल कीमतें लगभग 55% बढ़ गई हैं। वहीं जर्मनी में 22%, फ्रांस में 19% और अमेरिका में 11% से ज्यादा उछाल आया है। जबकि भारत में इसी अवधि में पेट्रोल कीमतों में 1% से भी कम बढ़ोतरी हुई है।