कोटा। कलेक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पर्यटन विकास समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में होटल फेडरेशन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने चंबल रिवर सफारी की दरों में कमी किए जाने के प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई की मांग रखी।
उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल से नई दरें लागू होना प्रस्तावित था, लेकिन अभी तक विदेशी पर्यटकों से ₹3000 तथा भारतीय पर्यटकों से ₹2000 प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जा रहा है। इस पर वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रस्ताव मुख्यालय भेजा जा चुका है, लेकिन अनुमोदन लंबित होने के कारण नई दरें लागू नहीं हो पाई हैं।
इस पर जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्ताव का शीघ्र अनुमोदन करवाकर नई दरों को लागू किया जाए। साथ ही पर्यटन विभाग को भी इस संबंध में वन विभाग को भी पत्र लिखने के निर्देश दिए।
माहेश्वरी ने बताया कि वर्तमान में जयपुर, उदयपुर, चित्तौड़ एवं कोटा को जोड़ते हुए टूर पैकेज संचालित किए जा रहे हैं। 8 अप्रैल को लगभग 6 बसो से विदेशी पर्यटकों का समूह कोटा आया, जिन्होंने यहां के पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया।
प्रदेश के टूर ऑपरेटर निरंतर हाड़ोती में पर्यटकों के ग्रुप भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा आगरा, भरतपुर, रणथंभौर को कोटा से जोड़ते हुए नई टूर आइटनरी तैयार की जा रही है। साथ ही कोटा, बूंदी, बारा एवं झालावाड़ का संयुक्त हाड़ौती टूर पैकेज बनाये जाने पर भी कार्य किया जा रहा है।
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में ‘पंचरत्न’ योजना के तहत चयनित चंबल रिवर फ्रंट को और अधिक आकर्षक बनाने तथा वहां खाली पड़ी दुकानों के आवंटन के कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारियो को निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि 26 से 28 अप्रैल को जयपुर में आयोजित ‘द ग्रेट इंडियन ट्रैवल बाजार’ में पर्यटन विभाग, कोटा विकास प्राधिकरण एवं होटल फेडरेशन सक्रिय भागीदारी निभाएं। जिससे हाड़ौती के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार हो सके।
माहेश्वरी ने जगमंदिर एवं लक्की बुर्ज़ क्षेत्र में कैफेटेरिया को आधुनिक सुविधाओं के साथ शीघ्र प्रारंभ करने तथा चंबल रिवर सफारी के पर्यटकों के लिए सुरक्षित वेटिंग एरिया बनाने का सुझाव दिया।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सिंलिंग कृष्णा शुक्ला ने कोटा महोत्सव एवं प्रस्तावित कोटा हाड़ोती ट्रैवल मार्ट के आयोजनों को और अधिक आकर्षक बनाने तथा कोटा महोत्सव को पर्यटन कैलेंडर में शामिल करने की बात कही।
इसके अलावा बैठक में गेपरनाथ महादेव मंदिर में पर्यटकों की सुविधा और प्रवेश शुरू करने, रंगपुर डाक बंगले के पर्यटन विकास, शहर के प्रवेश मार्गों से अतिक्रमण हटाने, साइन बोर्ड लगाने, सेवन वंडर्स पार्क के रखरखाव, मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर की DPR तैयार करने तथा अन्य पर्यटन विकास कार्यों पर भी विस्तार से विचार- विमर्श किया गया।
बैठक में पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक संदीप श्रीवास्तव, नगर निगम के जवाहर जैन, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक हरी मोहन शर्मा, कोटा विकास प्राधिकरण, वन विभाग एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

