ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों के रकबा में बढ़ोतरी, सबसे ज्यादा उछाल उड़द में

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नई दिल्ली। pulses sowing: भारत में ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों की बोआई शुरू हो चुकी है और किसान इन फसलों को खूब बो रहे हैं। जिससे ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों के रकबा में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा उछाल उड़द में देखा जा रहा है।

किसान इस गर्मियों के सीजन में दलहन फसलों की बोआई अच्छी कर रहे हैं। कृषि व किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार देश में 13 फरवरी तक 0.58 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बोआई हो चुकी है। पिछले ग्रीष्मकालीन सीजन में किसानों ने इसी अवधि में 0.50 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलों की बोआई की थी। इस तरह दलहन फसलों के रकबा में 13 फरवरी तक 16 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि अभी ग्रीष्मकालीन दलहन फसलों की बोआई शुरुआती चरण में है।

इस साल ग्रीष्मकालीन सीजन में दलहन फसलों के रकबा में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन दलहनों में सबसे अधिक उड़द का रकबा बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस सीजन में 13 फरवरी तक उड़द का रकबा दोगुना बढ़कर 0.10 लाख हेक्टेयर हो गया है। पिछले सीजन की इसी अवधि में यह आंकड़ा 0.05 लाख हेक्टेयर था। अन्य दलहन की बोआई 0.01 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 0.04 लाख हेक्टेयर पहुंच गई।

ग्रीष्मकालीन सीजन में दलहन फसलों का कुल रकबा भले बढ़ा हो, लेकिन इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल मूंग का रकबा अब तक स्थिर रहा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में 13 फरवरी तक मूंग की बोआई 0.44 लाख हेक्टेयर पर स्थिर रही।

दलहन फसलों का रकबा
ग्रीष्मकालीन सीजन में दलहन फसलों की बोआई अभी शुरुआती दौर में चल रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस सीजन में दलहन फसलों का सामान्य क्षेत्र 23.4 लाख हेक्टेयर है। इस सीजन की सबसे बड़ी दलहन फसल मूंग का सामान्य रकबा 20.44 लाख हेक्टेयर और उड़द का 2.96 लाख हेक्टेयर है।