गेहूं की MSP पर खरीद मानकों में शिथिलता के आदेश, प्रभावित किसानों को राहत

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लोकसभा अध्यक्ष बिरला एवं ऊर्जा मंत्री नागर की पहल पर केंद्र ने लिया निर्णय

कोटा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के प्रयासों से ​राजस्थान के गेहूं उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने प्रदेश में शुरुआती गर्मी की लहर और असमय बारिश के कारण प्रभावित हुई गेहूं की फसल को देखते हुए केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए खरीद नियमों में महत्वपूर्ण ढील देने का निर्णय लिया है। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।

ऊर्जा मंत्री नागर ने बताया कि अब पूरे राजस्थान राज्य में चमक की कमी वाले गेहूं की खरीद सीमा में 50% तक की छूट प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त, सिकुड़े और टूटे हुए अनाज की मौजूदा 6% की सीमा को बढ़ाकर 15% तक कर दिया गया है। क्षतिग्रस्त और थोड़ा क्षतिग्रस्त अनाज की संयुक्त सीमा को अधिकतम 6% तक निर्धारित किया गया है।

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और स्पीकर ओम बिरला ने बीते दिनों अधिकारियों के साथ बैठक कर फसल की स्थिति पर चिंता जताई थी। स्पीकर बिरला ने स्वयं खाद्य सचिव से चर्चा कर किसानों के हित में मानदंडों को शिथिल करने के निर्देश दिए थे। उनकी इस पहल से अब प्रदेश के लाखों किसानों का वह गेहूं भी सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदा जा सकेगा, जो मौसम की मार के कारण गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा था।

केंद्र द्वारा जारी शर्तों के तहत, इस रियायती मानदंडों के आधार पर खरीदे गए गेहूं का अलग से हिसाब रखा जाएगा और इसका उपयोग प्राथमिकता के आधार पर राज्य के भीतर ही किया जाएगा। भंडारण के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने और इस छूट से होने वाले किसी भी वित्तीय प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस आदेश के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में किसानों से सुगम तरीके से गेहूं की खरीद सुनिश्चित हो सकेगी।

सरकार का लक्ष्य है कि अधिकतम किसानों की उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी जाए। मंडियों में किसानों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चले और किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने में कठिनाई न हो। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और मंडियों में खरीद प्रक्रिया को गति मिलेगी।