गेहूं का घरेलू उत्पादन गत सीजन से बढ़कर 1200 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान

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नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि 2024-25 के रबी सीजन में 1179.40 लाख टन गेहूं का रिकॉर्ड घरेलू उत्पादन हुआ था जबकि 2025-26 के मौजूदा सीजन में उत्पादन उससे अधिक हो सका है।

इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए करनाल स्थित संस्था- भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान ने गेहूं का उत्पादन बढ़कर 1200 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है।

संस्थान के अनुसार इस बार न केवल गेहूं का बिजाई क्षेत्र उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है बल्कि लगभग तीन-चौथाई क्षेत्रफल में जलवायु रोधी किस्मों की बिजाई भी हुई है जिसमें मौसम की प्रतिकूल स्थिति को बर्दाश्त करने की अधिक क्षमता है।

मौसम विभाग ने फरवरी तथा मार्च में तापमान सामान्य औसत से ऊंचा रहने का अनुमान व्यक्त किया है जिससे गेहूं की फसल को खतरा हो सकता है क्योंकि इन दो महीनों के दौरान गेहूं के पौधों में फूल एवं दाना लगने की प्रक्रिया जारी रहती है।

लेकिन संस्थान का कहना है कि ज्यादा गर्मी से फसल पर विशेष असर नहीं पड़ेगा और यदि बारिश अथवा कृत्रिम साधनों से फसल की नियमित सिंचाई होती रही तो उत्पादन एक बार फिर बम्पर होने की उम्मीद रहेगी।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार बढ़कर 2025-26 के 328.04 लाख हेक्टेयर से 6.13 लाख हेक्टेयर बढ़कर 2025-26 के मौजूदा सीजन में 334.17 लाख हेक्टेयर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है जो पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 312.35 लाख हेक्टेयर से करीब 22 लाख हेक्टेयर ज्यादा है।

अधिकांश इलाकों में फसल की हालत सामान्य है और मौसम भी अनुकूल बना हुआ है। कई इलाकों में फसल को बारिश की जरूरत है। यदि अगले कुछ दिनों में एक-दो बौछार पड़ जाए तो फसल की हालत और भी अच्छी हो जाएगी।

शानदार उत्पादन की उम्मीद से गेहूं का भाव स्थिर हो गया है जबकि भारतीय खाद्य निगम ने ओएमएसएस के तहत अपने गेहूं की बिक्री दोबारा शुरू कर दी है।