गुंटूर मंडी में आवक की कमी से तेजा क्वालिटी की मिर्च 200 रुपये किलो के पार

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नई दिल्ली। चालू सप्ताह के शुरुआती तीन दिन में लालमिर्च की कीमतों में 45 से 50 रुपए प्रति किलो की तेजी दर्ज की गयी है। सूत्रों का कहना है कि कमजोर उत्पादन के अलावा उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर अच्छी क्वालिटी का स्टॉक भी कम रहने के कारण कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।

अभी भी व्यापारिक मनोवृत्ति तेजी की बनी हुई है। हालांकि वर्तमान भावों पर निर्यातकों की लिवाली नहीं है लेकिन लोकल मांग अच्छी चल रही है। जबकि नए मालों की आवक आशानुरूप नहीं बढ़ रही। गुंटूर मंडी में आज आने मालों की आवक 28 से 30 हजार बोरी की रही।

जबकि खम्मम में 10 से 12 हजार बोरी की आवक हुई। वारंगल में नए माल की आवक 3000 से 3500 बोरी की सुनी गयी है। गुंटूर मंडी में तेजा क्वालिटी का भाव 25 रुपए प्रति किलो तेजी के साथ 205 रुपए पर बोला जाने लगा है।

डीडी का भाव 250 रुपए का स्तर छू गया है। खम्मम मंदी में भी तेजा का भाव 24 रुपए तेजी के साथ 200 रुपए पर बोला गया। वारंगल में तेजा का भाव 202 रुपए प्रति किलो रहा। खपत केन्द्रों पर भी आज लालमिर्च के भाव 20 से 30 रुपए प्रति किलो बढ़ाकर बोले गए।

सूत्रों का कहना है कि नई फसल की आवक के समय आई रिकॉर्ड तेजी। आगामी दिनों के लिए नुकसान का सौदा हो सकता है हालांकि यह सच है कि इस वर्ष लालमिर्च में पैदावार कम है लेकिन फरवरी माह में नए सूखे मालों की आवक बढ़ने पर कीमतों में अवश्य ही गिरावट आएगी।