जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की 16 विधासनभा समितियों के गठन की घोषणा कर दी है। इस घोषणा में सबसे चौंकाने वाला और दिलचस्प तालमेल विधानसभा की नियम समिति (Rules Committee) में देखने को मिला है।
सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए बनने वाली इस समिति में प्रदेश की राजनीति के दिग्गज पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वसुंधरा राजे और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को एक ही टीम में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी इस नियम समिति के पदेन अध्यक्ष होंगे। समिति का मुख्य कार्य विधानसभा की कार्यप्रणाली की समीक्षा करना और आवश्यक संशोधनों की सिफारिश करना है। गहलोत, राजे और पायलट के अलावा इस समिति में श्रीचंद कृपलानी, चंद्रभान सिंह आक्या, हरीश चौधरी और दीप्ति किरण माहेश्वरी जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी जगह दी गई है।
तीन समितियों के अध्यक्ष बने कांग्रेस विधायक
16 समितियों में से 11 के अध्यक्ष भाजपा विधायकों को बनाया गया है, जबकि कांग्रेस को 3 समितियों की अध्यक्षता मिली है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जो एक अहम वित्तीय समिति मानी जाती है। कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक को प्रश्न एवं संदर्भ समिति और नरेंद्र बुधानिया को पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
भजनलाल शर्मा को जनरल पर्पज कमेटी का सदस्य
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को जनरल पर्पज कमेटी का सदस्य बनाया गया है। यह समिति परंपरागत रूप से विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में काम करती है और इसमें 16 सदस्य होते हैं, जिनमें वरिष्ठ विधायक और नेता प्रतिपक्ष भी शामिल रहते हैं।
महिला एवं बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष बनीं कल्पना देवी
महिलाओं की भागीदारी की बात करें तो 16 समितियों में सिर्फ एक समिति की अध्यक्ष महिला विधायक को बनाया गया है। भाजपा विधायक कल्पना देवी को महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन समितियों का कार्यकाल अगले वर्ष 31 मार्च तक रहेगा। नई समितियां विधानसभा की कार्यप्रणाली की निगरानी, नीतियों की समीक्षा और शासन से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

