नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर तमाम पाबंदियां लगा रखी है, जिसके कारण दुनियाभर में कच्चे तेल को लेकर संकट पैदा हो गया है। भारत में एलपीटी को लेकर लंबी- लंबी लाइनें देखने को मिल रही है। इस बीच होर्मुज से भारत के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है।
दरअसल, अमेरिका और इजरायल से जारी युद्ध के बीच ईरान ने भारतीय ध्वज वाले कई जहाजों को सुरक्षित निकलने की अनुमति दी है। एक भारतीय झंडे वाला एक और जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गया है।
बता दें कि पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक छह एलपीजी ले जाने वाले जहाज भारत आ चुके हैं। महीने भर के भीतर होर्मुज स्ट्रेट पार करने वाला यह सातवां भारतीय जहाज है। इस जहाज पर करीब 44,000 मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी है। उम्मीद है कि इस जहाज के आने से लोगों को एलपीजी से राहत मिलेगी।
जहाज ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, फारस की खाड़ी में खड़ा एलपीजी टैंकर ग्रीन सान्वी शुक्रवार की शाम को ईरान के समुद्री इलाके से होकर एक कॉरिडोर का इस्तेमाल करके होर्मुज स्ट्रेट के पूरब में पहुंच गया। यह टैंकर अब मुंबई बंदरगाह की तरफ बढ़ रहा है। होर्मुज पार करने वाले इस जहाज का नाम ग्रीन सान्वी है।
17 और जहाज लाइन में
पश्चिम एशिया में जारी लड़ाई के बीच अभी भारत के कई तेल-गैस वाले जहाज होर्मुज में फंसे हैं और ईरानी क्लीयरेंस का इंतजार कर रहे हैं। होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम में 17 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें से दो – ग्रीन आशा और जग विक्रम – एलपीजी से लदे हुए हैं। ये दोनों जहाज भी जल्द ही भारत की ओर रवाना हो सकते हैं। अगर ये दोनों एलपीजी से लदे जहाज भारत आते हैं तो एलपीजी की किल्लत से जूझ रहे भारतीयों को बड़ी राहत मिलेगी।

