खाद्य तेलों के उत्पादन, आयात, स्टॉक एवं बिक्री की अब डिजीटल निगरानी होगी

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नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य सचिव ने कहा है कि खाद्य तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी एवं तकनीकी रूप से उन्नत प्रावधानों के साथ एक नया आदेश जल्दी ही अधिसूचित किया जाएगा ताकि इस क्षेत्र को बेहतर ढंग से रेग्युलेट किया जा सके।

वैजिटेबल ऑयल प्रोडक्ट्स, प्रोडक्शन एंड ऐवेलेबिलिटी (वीओपीपीए या वोप्पा) रेग्युलेशन आर्डर 2025 वर्तमान समय में प्रचलित 2011 के आर्डर की जगह लेगा। इस नए आदेश के अंतर्गत खाद्य तेलों के उत्पादन, आयात, स्टॉक तथा बिक्री की निगरानी डिजीटल माध्यम से की जाएगी और उसे ज्यादा सशक्त बनाया जाएगा।

खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने पिछले दिनों कहा था कि इस नए आर्डर को अंतिम रूप देने से पहले खाद्य तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र से जुड़े सभी संघों-संगठनों के साथ विचार-विमर्श किया गया और उससे सुझाव आमंत्रित किए गए। अब इसका प्रारूप लगभग तैयार हो गया है और इसको जल्दी ही अधिसूचित कर दिया जाएगा।

नया आदेश लागू होने के बाद खाद्य तेल उद्योग को उत्पादन, बिक्री तथा मूल्य के बारे में तमाम जानकारी सरकार को देना अनिवार्य होगा। इससे बाजार में पारदर्शिता आएगी। वर्तमान समय में सरकार को इन आंकड़ों के लिए संघों-संगठनों पर निर्भर रहना पड़ता है जबकि नए आदेश के लागू होने के बाद प्रत्येक कम्पनी (मिलर्स प्रोसेसर्स) को सीधे अपना आंकड़ा उपलब्ध करवाना पड़ेगा।

नए फ्रेमवर्क के तहत खाद्य तेलों के उत्पादन मूल्य एवं स्टॉक को रियल टाइम में ट्रैक करना संभव हो सकेगा और इससे उद्योग से सम्बद्ध सभी पक्षों को अहम जानकारी तथा आंकड़े उपलब्ध करवाने में सहायता मिलेगी।

नए नियमों एवं प्रावधानों का अनुपालन करवाना, बाजार पर नजर रखना तथा उत्पाद की क्वालिटी में सुधार लाना भी इससे संभव हो सकेगा। सरकार ने क्रूड खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में कटौती करके आम उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया है। हालांकि कुल खाद्य महंगाई तो घटकर 2021 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई है मगर खाद्य तेल की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा रही है जिससे सरकार की चिंता बढ़ गई है।