नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य खोले बिना ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त करने को तैयार हैं। ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ अखबार ने अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है।
रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप और उनके सहयोगियों ने हाल के दिनों में आकलन किया कि इस अहम जलमार्ग को खोलने का कोई भी अभियान संघर्ष को उनकी तय समय-सीमा (चार से छह सप्ताह) से आगे बढ़ा देगा।
उन्होंने फैसला किया कि अमेरिका को अपने मुख्य लक्ष्य हासिल करने चाहिए और मौजूदा शत्रुता को खत्म करना चाहिए, जबकि साथ ही तेहरान पर कूटनीतिक दबाव बनाना चाहिए ताकि व्यापार का मुक्त प्रवाह फिर से शुरू हो सके।
अधिकारियों ने अखबार को बताया कि अगर यह तरीका नाकाम रहता है, तो अमेरिका यूरोप और खाड़ी देशों में अपने सहयोगियों पर दबाव डालेगा कि वे जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की पहल करें।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़रायल ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले किए, जिनमें तेहरान भी शामिल था; इन हमलों से काफी जान माल का नुकसान हुआ। ईरान ने इसके जवाब में इज़रायली क्षेत्र और पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
ईरान के आसपास बढ़े इस तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की प्रभावी रूप से नाकेबंदी हो गई है। यह मार्ग फारस की खाड़ी के देशों से वैश्विक बाज़ार तक तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है।
इस नाकेबंदी ने इस क्षेत्र में तेल के निर्यात और उत्पादन के स्तर को भी प्रभावित किया है। इसके परिणामस्वरूप, दुनिया भर के अधिकांश देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं।
एक तरफ अमेरिका युद्ध खत्म करने और ईरान के साथ सकारात्मक वार्ता की बातें कर रहा है तो वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बैंजामिन नेतन्ययाहू ने सीधा कहा है कि वह युद्ध खत्म करने की कोई तारीख नहीं बता सकते हैं।
इजरायल लगातार ईरान और लेबनान पर हमले कर रहा है। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने आधा रास्ता तय कर लिया है लेकिन युद्ध के शेड्यूल का ऐलान नहीं किया जा सकता है।
युद्ध रोकने पर सहमत नहीं खाड़ी देश
वहीं अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों ने डोनाल्ड ट्रंप से कहा है कि वह ईरान में युद्ध को जारी रखें। अधिकारियों के अनुसार सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और बहरीन के प्रतिनिधियों ने निजी बातचीत में कहा कि ईरान अभी पर्याप्त कमजोर नहीं हुआ है। न अधिकारियों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी।
खाड़ी देशों की ओर से यह बात ऐसे वक्त में सामने आई है जब ट्रंप यह दावा कर रहे हैं कि ईरान का नेतृत्व कमजोर हुआ है और समझौते के लिए तैयार है। ट्रंप साथ ही ईरान को चेतावनी दे रहे हैं कि यदि जल्द कोई समझौता नहीं हुआ तो युद्ध को और तेज किया जा सकता है।

