क्या ग्रीनलैंड पर कब्जे को लेकर अमेरिका-यूरोप में हो गई डील या ट्रंप ने झूठ बोला

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर कंट्रोल को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि इस मुद्दे पर डील के लिए बातचीत चल रही है। इस डील के तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड में बिना किसी रुकावट के एक्सेस मिलेगा।

साथ ही अमेरिका को ग्रीनलैंड पर सभी सैन्य उपकरण तैनात करने की इजाजत मिल जाएगी। ट्रंप के बयान से ग्रीनलैंड पर अमेरिका और यूरोप में समझौता हो जाने के संकेत मिलते हैं। ऐसा लगता है कि ग्रीनलैंड पर ज्यादा सैन्य उपस्थिति पर मानते हुए फिलहाल ट्रंप ने पूर्ण कब्जे की बात को पीछे कर दिया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स बिजनेस से बात करते हुए कहा, ‘हमें ग्रीनलैंड तक पूरी एक्सेस यानी मिलिट्री एक्सेस मिलेगी। हम ग्रीनलैंड पर वह सब रख पाएंगे जिसकी हमें जरूरत है, क्योंकि हम ऐसा चाहते हैं। हम नेशनल सिक्योरिटी और इंटरनेशनल सिक्योरिटी की बात कर रहे हैं। अमेरिका और यूरोप के बीच अच्छे संबंध बने हुए हैं।’

टैरिफ पर भी पलटे ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले दावोस में नाटो चीफ मार्क रट से मुलाकात के बाद यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की अपनी धमकी वापस ले ली थी। ट्रंप ने ग्रीनलैंड के मुद्दे पर साथ ना देने के लिए यूरोपीय देशों पर ये टैरिफ लगाए थे। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम पर बोलते हुए ट्रंप ने ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लेने के लिए मिलिट्री एक्शन से भी इनकार किया।

दावोस में ट्रंप ने कहा कि वह ग्रीनलैंड को हासिल करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने हालिया दिनों में लगातार आक्रामक रुख अपनाते हुए ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी की थी लेकिन बीते दिनों में उनका रुख नरम पड़ता दिखा है। ग्रीनलैंड में एक्सेस मिलने को लेकर डील पर उनका बयान रुख में नरमी को दिखाता है।

ग्रीनलैंड मुद्दे से बढ़ा तनाव
ग्रीनलैंड डेनमार्क की सुरक्षा के तहत आने वाला ऑटोनॉमस इलाका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि वह इस आर्कटिक आइलैंड पर कब्जा करेंगे क्योंकि यह अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी और रणनीतिक महत्व के लिहाज से जरूरी है। इस पर ना सिर्फ डेनमार्क और ग्रीनलैंड बल्कि पूरे यूरोप में हलचल मच गई और इसका विरोध शुरू हो गया।