कार्डियक अरेस्ट के बावजूद बची मरीज की जान, कोटा मेडिकल टीम ने रचा इतिहास

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कोटा। Kota Medical Team created history: राधा कृष्णा क्रिटिकल केयर एंड जनरल हॉस्पिटल के चिकित्सकों की टीम ने एक अत्यंत दुर्लभ और जटिल चिकित्सा मामले में चमत्कारिक जीवन रक्षक सफलता हासिल की है। अस्पताल के निदेशक डॉ. कमलेश अग्रवाल के अनुसार यह मामला संभवतः दुनिया का पहला ऐसा केस है, जिसमें किसी महिला का पाँचवीं बार सीज़ेरियन ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया।

उन्होंने बताया कि इससे पूर्व चार बार सीज़ेरियन वाले केवल लगभग 18 केस ही विश्व स्तर पर रिपोर्ट किए गए हैं। मरीज कई अस्पतालों में उपचार के बाद राधा कृष्णा क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल पहुँची थी। सभी आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं उच्च जोखिम संबंधी कंसेंट के पश्चात पाँचवां सी-सेक्शन किया गया। ऑपरेशन के दौरान अचानक मरीज को कार्डियक अरेस्ट हो गया, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर बन गई।

ऑपरेशन टेबल पर ही हृदय गति रुकने के बाद डॉक्टरों, एनेस्थीसिया टीम एवं नर्सिंग स्टाफ ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत सीपीआर, एडवांस्ड कार्डियक लाइफ सपोर्ट (ACLS) एवं आपातकालीन रेससिटेशन प्रक्रिया शुरू की। समन्वित प्रयासों और त्वरित निर्णय क्षमता के चलते मरीज को सफलतापूर्वक पुनर्जीवित किया गया।

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता अग्रवाल ने बताया कि मरीज में एक और गंभीर जटिलता प्लेसेंटा इन्क्रेटा भी पाई गई, जिसमें गर्भनाल (प्लेसेंटा) गर्भाशय की दीवार में गहराई तक चिपक जाती है और उसे निकालना अत्यंत कठिन हो जाता है। सामान्यतः ऐसे मामलों में गर्भाशय निकालना पड़ सकता है तथा अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा रहता है। इस दौरान मरीज को पाँच यूनिट रक्त चढ़ाया गया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी।

चिकित्सकों के अनुसार कार्डियक अरेस्ट, पाँचवां सीज़ेरियन ऑपरेशन और प्लेसेंटा इन्क्रेटा जैसी जटिलताओं के बावजूद सफल उपचार चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है और वह चिकित्सकीय निगरानी में तेजी से स्वस्थ हो रही है।

मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन, चिकित्सकों और स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए इसे ईश्वर की कृपा एवं डॉक्टरों की मेहनत का परिणाम बताया। राधा कृष्णा क्रिटिकल केयर एंड जनरल हॉस्पिटल ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि आधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकीय टीम और त्वरित निर्णय क्षमता के माध्यम से आपात परिस्थितियों में भी असंभव को संभव बनाया जा सकता है।