कोटा में 1500 करोड़ का सफेद हाथी खाता है 2 करोड़ का चारा, जानिए क्या है मामला 

0
20

कोटा। विधानसभा में स्वायत्त शासन पर अनुदान की मांगों पर बोलते हुए कोटा दक्षिण के बीजेपी विधायक संदीप शर्मा ने शांति धारीवाल पर निशाना साधा। कोटा उत्तर के कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल पर चंबल रिवर फ्रंट, ऑक्सीजन सिटी पार्क सहित गहलोत सरकार में शहर में हुए विकास कार्य को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

चंबल रिवर फ्रंट निर्माण में पैसे की बर्बादी और प्राचीन स्थानों को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए विधायक शर्मा ने कहा कि आपने 1500 करोड़ का सफेद हाथी खड़ा कर दिया, जो 2 करोड़ रुपए महीने का चारा खा रहा है।

आपने आईएल की आधी जमीन बेच दी, आधे में ऑक्सिजन सिटी पार्क बना दिया। जबकि यहां मिनी सचिवालय बनाते तो पूरे कोटा सम्भाग को लाभ मिलता। मिनी सचिवालय निर्माण के लिए मैंने सदन में याचिका लगाई थी, पर नियमों को ताक पर रखकर आप उसे भी टालते रहे।

उन्होंने कहा कि सिग्नल फ्री शहर बनाने के नाम पर कोटा शहर को दुर्घटनाओं का शहर बना दिया, चौराहों की रोटरी इतनी बड़ी कर दी कि विजिबिलिटी ही खत्म कर दी, अण्डरपास, फ्लाई ओवर तकनीकी रूप से गलत डिजाइनिंग से बने। आपके सपने को साकार करने के लिए कितने लोग काल के ग्रास बन गए। आनन फानन में हड़बड़ाहट, बेतरतीब विकास के चलते एक्सीडेंटों में मारे गए। अस्पतालों में इलाज कराते नजर आए।

कोटा की आर्थिक व्यवस्था सुधारने की आवश्यकता बताते हुए उन्होंने कहा कि कोटा की आर्थिक वातावरण आपके समय ही डगमगाने लगा था। आवश्यकता थी लेकिन फिर भी आपने कोटा की अर्थव्यवस्था को सहारा देने का काम नहीं किया बल्कि खोखला विकास किया।

विधायक शर्मा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को श्रेय नहीं मिल जाए। इसलिए आपने एयरपोर्ट के काम को अटकाए रखा। 5 हजार करोड़ के काम करवाने के बाद भी एयरपोर्ट के लिए 40 करोड़ नहीं दिये। जबकि हमारी सरकार आते ही 2 महीने में पैसा भी जमा हो गया, वन भूमि का प्रत्यावर्तन भी हो गया, हाईटेंशन बिजली लाईन शिफ्टिंग का काम भी चालू हो गया।

भाजपा विधायक शर्मा ने कहा कि बजट में मथुराधीश मंदिर कॉरीडोर, मिनी सचिवालय, जेल, एयरोसिटी, टॉय पार्क जैसी सौगातों के बाद पर्यटन, औद्योगिक, शैक्षणिक, धार्मिक विकास से कोटा में सर्वांगीण समृद्ध आयेगी। कांग्रेस के समय धारीवाल द्वारा बेतरतीब विकास एवं जनता के पैसे की बर्बादी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आपका विकास केवल कंक्रीट के जंगल खड़े करने तक ही सीमित रहा, आपने विकास का आर्थिक, धार्मिक, सामाजिक, नैतिक पक्ष नहीं देखा।