कोटा में श्रावक संस्कार शिविर का आयोजन 28 अगस्त से शुरू होगा

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कोटा। पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व के पावन अवसर पर श्रावक संस्कार शिविर-2025 का आयोजन 28 अगस्त से 7 सितम्बर तक प्रज्ञा लोक परिसर में किया जाएगा। शिविर में देशभर से बड़ी संख्या में शिविरार्थियों की भागीदारी होगी।

अध्यक्ष लोकेश जैन ने बताया कि आचार्य प्रज्ञासागर के सान्निध्य में गुरू आस्था परिवार एवं सकल दिगम्बर जैन समाज की बैठक आयोजित कर र्कायक्रम की रूपरेखा तय की गई। चैयरमैन यतीश जैन एवं महामंत्री नवीन जैन दौराया ने बताया कि इस पावन शिविर में आचार्य प्रज्ञासागर मुनिराज संघ के मंगल सान्निध्य एवं आशीर्वाद से साधना, प्रवचन और आध्यात्मिक कार्यक्रम संपन्न होंगे।

दैनिक दिनचर्या और अनुशासन
नवीन जैन दौराया ने बताया कि शिविरार्थियों के लिए प्रातः 5.30 बजे सामायिक से दिन का आरम्भ होगा। इसके बाद मांगलिक पाठ, शांतिधारा, नित्य पूजा, गुरुदेव का मंगल प्रवचन, आहारचर्या, जाप, तत्त्वार्थ सूत्र की वाचन-व्याख्या, प्रतिक्रमण, आनंद यात्रा, भक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल रहेंगे।
विशेष रूप से संयम, अनुशासन, एक समय भोजन, मोबाइल त्याग और सादगीपूर्ण जीवन शैली का पालन अनिवार्य रहेगा।

प्रज्ञासागर महाराज ने सोमवार को अपने प्रवचन में कहा कि शांति सागर महाराज जैन समाज के 20वीं सदी के महान संत और प्रमुख आचार्य माने जाते हैं। उन्होंने उत्तर भारत में दिगम्बर परंपरा को फिर से जागृत किया और परंपरागत मुनि-धर्म का प्रचार-प्रसार किया। महिला शिक्षा, प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों का संरक्षण और श्रमण संघ (मुनि संघ) की स्थापना के कार्य किए।

लाखों लोगों को नैतिकता, अहिंसा और शुद्ध आचरण की प्रेरणा दी और हजारों लोगों को मुनि/श्रावक दीक्षा दिलाई। उन्होंने कठिन तप, साधना और ‘आत्म साधना’ के साथ जीवन जीकर श्रमण संस्कृति का गौरव बढ़ाया।

सच्चा वात्सल्य गुरू दरबार में
कोषाध्यक्ष अजय जैन खटकीडा ने बताया कि इस अवसर पर एलन निदेशक गोविंद माहेश्वरी ने गुरूदेव को श्री फल भेंट किया ओर उद्बोधन में कहा कि दुनिया में सच्चा वात्सल्य माता के बाद कहीं है तो वह गुरू दरबार में है कोटा शहर को भी प्रज्ञा की आवश्यकता है।