अमूल मॉडल की तर्ज में कोटा-बून्दी में होगा डेयरी उद्योग का विकास
नई दिल्ली। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शुक्रवार को कोटा-बूंदी में डेयरी उद्योग के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। संसद भवन कार्यालय में हुई इस बैठक में केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह के साथ विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में डेयरी सहकारी कवरेज के विस्तार, दुग्ध प्रसंस्करण व विपणन के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने तथा डेयरी मूल्य श्रृंखला के डिजिटलीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही खाद प्रबंधन, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को भी प्राथमिकता देने पर बल दिया गया।
गत वर्ष हुई बैठक में दिए निर्देशों की पालना की जानकारी देते हुए डेयरी बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि कोटा-बून्दी में डेयरी क्षेत्र के विकास के लिए कार्ययोजना बनी है।
इसी क्रम में कोटा में मदर डेयरी के सफल डिवीजन के 15 आउटलेट खुलेंगे, जिनकी संख्या को कोटा-बून्दी में 100 तक ले जाया जाएगा। कोटा-बूंदी क्षेत्र में छोटी बायोगैस इकाइयों और वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए चारा उत्पादन प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
मदर डेयरी द्वारा दिल्ली की तर्ज पर कोटा में फार्मर टू कंज्यूमर मॉडल को स्थापित किया जाएगा इसके लिए वेल्यू चैन बनाई जा रही है, बीते कुछ माह में 105 टन से अधिक फल औऱ सब्जी की खरीद की गई है।
बिरला ने दुग्ध सहकारिता के सफल मॉडल के रूप में स्थापित अमूल का उदाहरण देते हुए निर्देशित किया कि कोटा दुग्ध संघ भी उसी प्रकार अपने कार्यों का विस्तार करे।
इसके साथ उन्होंने कोटा दुग्ध संघ एवं उजाला एमपीओ के माध्यम से गांव-गांव में डेयरी सहकारिता का विस्तार करने, उत्पादक सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने तथा मिल्क कलेक्शन पॉइंट्स पर इलेक्ट्रॉनिक दूध परीक्षण उपकरण एवं बल्क मिल्क कूलर्स स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही दुग्ध उत्पादकों को उनके बैंक खातों में 100 प्रतिशत डिजिटल भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली। बिरला ने कहा कि दुग्ध संकलन को अधिकतम किया जाए, ताकि कोटा-बूंदी के किसान एवं पशुपालक पशुपालन के माध्यम से अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।
इस दिशा में उन्होंने कोटा-बून्दी दुग्ध संघ के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि क्षेत्र में कैटल फीड प्लांट के माध्यम से वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर कार्य किया जा रहा है।
पशुओं की प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं तथा 100 नए युवाओं को आर्टिफिशियल इनसेमिनेशन टेक्नीशियन के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है। लोक सभा अध्यक्ष ने कोटा में प्रस्तावित एनिमल वेटरनरी कॉलेज की बजट घोषणा पर चल रही कार्यवाही की भी समीक्षा की और प्रगति की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता, लोकसभा के संयुक्त सचिव गौरव गोयल एवं केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राजस्थान सरकार के पशुपालन विभाग के अधिकारी, कोटा दुग्ध संघ के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े।

