कोटा में चाइनीज़ मांझे की बिक्री के खिलाफ़ जनहित याचिका दाखिल

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कोटा। चाइनीज़ मांझे के खिलाफ़ कोटा की एक अदालत में मानवाधिकार अधिवक्ता अंसार इंदौरी ने जनहित याचिका दाखिल की है। आबिद अख्तर लॉयर्स एसोसिएट के अधिवक्ता अंसार इंदौरी ने अपनी याचिका में कहा है कि जिले में प्रतिबंध के बावजूद चाईनीज मांझे की बिक्री चोरी-छुपे अधिकारियों की मिलीभगत से की जा रही है। जिसके कई दुष्परिणाम आमजन और पक्षियों को उठाने पड़ रहे है।

12 जनवरी को चाईनीज मांझे से संजय नगर में पांच साल के बच्चे के गले पर उस समय कट लग गया जिस समय वह अपने पिता के साथ बाईक पर बैठ कर जा रहा था तथा 13 जनवरी को केशवपुरा फ्लाई ओवर पर वरिष्ठ नागरिक 70 वर्षीय रमेश राठोर की गर्दन से चाईनीज मांझा लिपट गया, जिनके बीस टांके आये थे।

इसी प्रकार 14 जनवरी को ही वकील प्रशांत चौहान की गले की नसें इसी चाईनीज मांझे से कट गई थी, जिनके 14 टांके लगाये गये थे। 14 जनवरी को पांच साल के मासूम बच्चे धीर की गर्दन पर नयापुरा कोटा क्षेत्र में चाईनीज़ मांझे से गहरा कट लग गया था जिससे उसकी सांस की नली और रक्त धमनीयों कट गई थी। जिन्दगी और मौत के बीच संघर्ष करते हुए बालक धीर ने 15 जनवरी को को दम तोड़ दिया।

16 जनवरी को केथूनीपोल थाना क्षेत्र में सड़क से गुजर रहे परिजनों के साथ चल रहे अब्दुल नाम के बच्चो के गले में अचानक चाईनीज मांझा फस गया और तेज धारदार मांझे से बच्चे का गला कट गया और वह लहु-लुहान हो गया।

याचिका में उन्होंने कहा कि नगर निगम कोटा द्वारा कड़ी कार्यवाही नहीं करने की वजह से आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। जनता के जीवन जीने के मानवाधिकार का घोर उल्लंघन हो रहा है।

नगर निगम की टीम हर साल चाईनीज मांझा बेचने वालों पर लीपा-पोती वाली कार्यवाही कर रही है। जिससे इसकी बिक्री बंद नहीं हो रही है। क्योंकि चाईनीज मांझा जब्त करने के अलावा दुकानदारों, होलसेलरों, डीलरों के खिलाफ कठोर कार्यवाही नहीं होती है।

उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन जागता है तब तक यह जानलेवा चाईनीज मांझा पूरे जिले में बिकने के लिये पहुँच जाता है। मकर संक्रांति के पांच माह पूर्व से ही मांझा होलसेल बाजार में आने लगता है। इसे जब्त करने की ओपचारिक कार्यवाही बीस से पच्चीस दिन पहले ही शुरु की जाती है।

तब तक हर गली की दुकानों पर यह मांझा सप्लाई हो चुका होता है। पच्चीस लाख से ज्यादा आबादी वाले जिले में सिर्फ पचास साठ स्थानों पर दबिश देकर पांच सौ मांझे के रोल जब्त किये जाते हैं।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा कार्यवाही के नाम पर सिर्फ आमजन से अपील की जाती है कि चाईनीज मांझे का उपयोग ना करें। चाईनीज मांझे का व्यापार ना करें, इन अपीलों के अतिरिक्त कोई ठोस कार्यवाही चाईनीज माझे को बेचने वाले विकेताओं के खिलाफ नही की जाती है।

उन्होंने बताया कि इन सब के बावजूद भी आम नागरिकों द्वारा बार बार प्रशासन को उक्त चाईनीज मांझे के व्यापारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के सम्बन्ध में विभिन्न संचार साधनों से सूचित करने के बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारी अपने कर्तव्यों से विमुख हो रहे है।

जानबूझ कर एवं इरादतन पूर्वक कार्यवाही नहीं करके आमजन के जीवन को खतरे में डाला जा रहा है। यह मामला मानव अधिकार के अन्तर्गत आता है एव नागरिकों के जीवन एवं शरीर की रक्षा हेतु जनहित में अदालत को कदम उठाने चाहिए।