कोटा। कोटा महोत्सव के रंगीन कैनवास पर इस बार दो दिवसीय पुष्प प्रदर्शनी ने ऐसी धूम मचाई कि शहर देखता रह गया। किशोर सागर तालाब की पाल 22 और 23 फरवरी को फूलों के एक ऐसे अद्भुत संसार में बदल गई, जहाँ हर उम्र का व्यक्ति सम्मोहित सा खिंचा चला आया। दोनों दिन प्रदर्शनी स्थल पर जनसैलाब उमड़ पड़ा था। लगभग एक लाख से अधिक लोगों ने इस पुष्प प्रदर्शनी में शिरकत की।
उद्यान अधीक्षक अमरीश शर्मा ने बताया, “यह कार्यक्रम विगत कई वर्षों से हर वर्ष फरवरी के प्रथम सप्ताह में होता आ रहा है। इस वर्ष कोटा महोत्सव के साथ इसे शामिल किया गया है, जिसकी शहरवासियों को बेसब्री से इंतजार रहता है।

तालाब की पाल की सुंदरता उसमें चार चाँद लगा देती है। उन्होंने कहा, कोटा में होने वाले कार्यक्रमों में इस पुष्प प्रदर्शनी में रिकॉर्ड फुटफॉल होता है। शाम होते-होते तो यहाँ हर उम्र के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता है, जिससे पाँव रखने की जगह भी नहीं रहती।
प्रदर्शनी का दिल थे फूलों से लबरेज ‘सेल्फी पॉइंट्स’, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर छा गए। यहाँ की हर तस्वीर एक कहानी कह रही थी! कल्पना कीजिए – ट्यूलिप की शाही खूबसूरती, ऑर्किड का विदेशी अंदाज़, रेनेकुलस की नाजुकता और डच रोज़ का प्रेम…ये सब एक साथ मिलकर एक ऐसा इंद्रधनुषी मेला बना रहे थे, जिसने पूरे वातावरण को अपनी मादक सुगंध से भर दिया।
इस भव्य आयोजन में रंगोली, कट फ्लावर और बोनसाई जैसी प्रतियोगिताओं ने कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार मंच दिया। शहर के हर कोने से, चाहे वो बड़े औद्योगिक घराने हों, सरकारी संस्थान हों, चहकती शैक्षणिक संस्थाएँ हों, लक्जरी होटल हों या हमारा प्यारा कोटा ग्रीन कम्युनिटी – सबने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने हुनर का लोहा मनवाया, अनमोल पुरस्कारों पर अपना नाम लिखवाया!
और हाँ, माहौल को जोशीला बनाए रखने के लिए आर्मी के बैगपाइपर और आर.ए.सी. के बॉस बैंड ने किशोर सागर तालाब की पाल पर हजारों दर्शकों के दिलों पर अपनी धुन से राज किया। उनकी सुरीली और शक्तिशाली प्रस्तुतियों ने जैसे पूरे वातावरण में एक नई ऊर्जा भर दी!
यह अनूठा आयोजन रविवार देर रात तक चलता रहा। संभागीय आयुक्त कोटा अनिल कुमार अग्रवाल, आईजी पुलिस कोटा रेंज राजेंद्र प्रसाद गोयल, आयुक्त नगर निगम अजय कुमार मेहरा, उपायुक्त नगर निगम दयावती और उद्यान अधीक्षक अमरीश शर्मा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से विजेताओं और सभी समर्पित प्रतिभागियों को पुरस्कार व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

