कोटा मंडल ने 74 वर्षों में भाप इंजन से कवच 4.0 तक का ऐतिहासिक सफर पूरा किया

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स्थापना दिवस पर प्रदर्शनी, रेल सेवा पुरस्कार समारोह एवं कवि सम्मेलन आयोजित

कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल का 74वाँ स्थापना दिवस बुधवार को मेनाल ऑफिसर्स क्लब, कोटा में उत्साह एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर रेलवे प्रदर्शनी, रेल सेवा पुरस्कार समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का एक साथ भव्य संयोजन किया गया। प्रदर्शनी में कोटा के हज़ारों नागरिक, विद्यार्थी एवं परिवारजन रेलवे की आधुनिक तकनीक एवं उपलब्धियों से सीधे परिचित हुए।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि मंडल रेल प्रबंधक अनिल कालरा ने प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात् मंडल रेल प्रबंधक ने मीडिया को कोटा मंडल के चौहत्तर वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। मंडल रेल प्रबंधक कालरा एवं महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा अंशु कालरा ने महिला कल्याण संगठन की सदस्याओं के साथ प्रदर्शनी का भ्रमण किया तथा विभिन्न विभागों की स्टॉलों पर रेलवे की कार्यप्रणाली को निकट से समझा।

जैन ने बताया कि प्रदर्शनी में वाणिज्य, परिचालन, कार्मिक, रेलवे सुरक्षा बल, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, गति शक्ति यूनिट एवं निर्माण, सिग्नल एवं दूरसंचार, ट्रैक्शन रोलिंग स्टॉक शेड टीकेडी, ट्रैक्शन वितरण, ट्रैक्शन रोलिंग ऑपरेशन, यांत्रिक तथा विद्युत विभाग सहित कुल 13 स्टॉलें लगाई गई थीं।

प्रत्येक स्टॉल पर कार्यशील मॉडल्स, डिजिटल स्क्रीन और इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से रेलवे की कार्यप्रणाली को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। कवच 4.0 स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, अमृत भारत स्टेशन योजना, 2×25 केवी ओएचई विद्युतीकरण, हाई स्पीड ट्रायल्स, रेल मदद ऐप तथा रेलवन ऐप जैसी आधुनिक उपलब्धियाँ फ्लेक्स, डिजिटल डिस्प्ले और लाइव मॉडल्स के माध्यम से प्रदर्शित की गईं।

कोटा के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अपने परिवारजनों के साथ प्रदर्शनी का भ्रमण किया और रेलवे की कार्यप्रणाली, तकनीक एवं सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद बताया। सेल्फी प्वाइंट व्यवस्था से बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखा गया।

41 कर्मचारी रेल सेवा पुरस्कार से सम्मानित
इस अवसर पर आयोजित 70वें रेल सेवा पुरस्कार सप्ताह के अंतर्गत पुरस्कार समारोह में कोटा मंडल के कुल 41 समर्पित कर्मचारियों को उनकी निष्ठा, परिश्रम एवं उत्कृष्ट सेवाभाव के लिए सम्मानित किया गया।

सायंकाल आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में जगदीश सोलंकी, सुरेन्द्र यादवेन्द्र, रावजात शत्रु, निशामुनि गौड़ एवं सलोनी राणा आदि कवियों ने अपनी ओजस्वी काव्य-रचनाओं से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।

उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 1952 को पश्चिमी रेलवे के अंतर्गत स्थापित कोटा मंडल पचहत्तरवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। चौहत्तर वर्षों की इस यात्रा में मंडल ने भाप इंजन से विद्युत इंजन, एकल लाइन से दोहरी विद्युतीकृत लाइन, और मैन्युअल सिग्नल से कवच 4.0 स्वचालित सुरक्षा प्रणाली तक का ऐतिहासिक रूपांतरण देखा है। आज यह मंडल देश का पहला ऐसा रेलवे मंडल है, जहाँ दिल्ली-मुंबई मुख्य रेल मार्ग के मथुरा से नागदा तक पूरे पाँच सौ उनचास किलोमीटर पर कवच 4.0 पूर्णतः स्थापित है।