कोटा। MSME Expo Kota: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने शुक्रवार को कोटा में MSME एक्सपो का शुभारंभ किया। बिरला ने इस आयोजन को नवाचार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक समावेशिता के एक नए युग की शुरुआत बताया।
उन्होंने कहा कि यह एक्सपो केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि नए विचारों, अवसरों और संभावनाओं का महासंगम है, जो देशभर से आए युवा और महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का सशक्त अवसर प्रदान कर रहा है।

औद्योगिक विरासत से आधुनिक क्षमताओं तक
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोटा, जो कभी औद्योगिक नगरी के रूप में देशभर में जाना जाता था, आज भी उसी संभावना और सामर्थ्य को अपने भीतर समेटे हुए है। दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर, कांडला-इलाहाबाद मार्ग, सुदृढ़ रेल नेटवर्क और शीघ्र प्रारंभ होने वाली एयर कनेक्टिविटी के साथ कोटा अब भारत के सबसे वेल-कनेक्टेड शहरों में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि सड़क, रेल और हवाई संपर्क के साथ-साथ चंबल नदी का सतत आशीर्वाद और जल, बिजली, गैस, परमाणु तथा सौर ऊर्जा की अपार संभावनाएं कोटा को भविष्य की औद्योगिक राजधानी बना सकती हैं।
ऊर्जा उत्पादन और डिजिटल ढांचे की ओर ठोस कदम
बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी क्षेत्र जल्द ही बिजली उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहाँ सौर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज प्लांट की स्थापना की योजना है। साथ ही, कोटा में उच्च स्तरीय स्किल सेंटर और ट्रेडवाइज़ प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना कर युवाओं को आधुनिक उद्योगों के लिए तैयार किया जाएगा। कोटा को डेटा सेंटर और आईटी हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
रानपुर में शिक्षा, पशुपालन और कृषि नवाचार का नया केंद्र
बिरला ने जानकारी दी कि राणपुर क्षेत्र को एजुकेशन और स्किल हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ पशुपालन महाविद्यालय, डेयरी प्रशिक्षण केंद्र और कृषि नवाचार से जुड़ी संस्थाएं स्थापित की जाएंगी। इससे न केवल दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त किया जा सकेगा। बिरला ने कोटा के युवाओं से अपील की कि वे देश-दुनिया में हो रहे तकनीकी और औद्योगिक नवाचारों से स्वयं को जोड़ें और स्टार्टअप्स, रिसर्च और उद्यमशीलता की ओर अग्रसर हों। उन्होंने कहा कि आज भारत वैश्विक निवेश के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बन चुका है और इसका श्रेय स्थिर सरकार, स्पष्ट नीतियों और दूरदर्शी नेतृत्व को जाता है।
महिला उद्यमिता को मिले नई पहचान, गाँव बनें आत्मनिर्भर
बिरला ने महिला आत्मनिर्भरता पर बल देते हुए कहा कि महिलाओं के हस्तशिल्प और उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए मार्केटिंग और प्लेटफॉर्म की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि गाँव-गाँव को आत्मनिर्भर बनाना हमारी प्रतिबद्धता है, जिससे हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।
हाड़ौती बनेगा एग्रो इंडस्ट्री और जैविक खेती का मॉडल
बिरला ने कहा कि कोटा-बूंदी-बारां-झालावाड़ क्षेत्र एग्रो इंडस्ट्री के लिए आदर्श क्षेत्र है। बूंदी में इथेनॉल और पेय पदार्थों से जुड़े उद्योग, इंडस्ट्रियल पार्क, जैविक खेती और हाइड्रोपोनिक्स तकनीक के माध्यम से यह क्षेत्र कृषि नवाचार का उदाहरण बनेगा। उन्होंने भामाशाह मंडी को विश्व स्तरीय और आधुनिक मंडी के रूप में विकसित करने की बात भी दोहराई, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि मदर डेयरी द्वारा 4,000 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे ग्रामीण उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में नया मार्ग प्रशस्त होगा।
एयरपोर्ट निर्माण से खुलेगा वैश्विक निवेश का द्वार
बिरला ने कहा कि कोटा एयरपोर्ट परियोजना अब धरातल पर आने को तैयार है। इसका निर्माण कार्य जून माह से प्रारंभ होगा और आगामी दो वर्षों में पूर्ण कर लिया जाएगा। एयरपोर्ट के शुरू होने से कोटा को वैश्विक निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के लिए नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोटा आने वाले वर्षों में उद्योग, शिक्षा, कृषि और पर्यटन जैसे सभी क्षेत्रों में देश के अग्रणी शहरों में शामिल होगा। यह केवल एक संभावना नहीं, बल्कि हमारा संकल्प, हमारी प्रतिबद्धता और साझा प्रयासों का सशक्त परिणाम होगा।
इनकी भी रही उपस्थिति
समरोह में विधायक संदीप शर्मा, विधायक कल्पना देवी, एसएसआई एसोसिएशन कोटा के संस्थापक संरक्षक गोविंदराम मित्तल, एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष, कोटा व्यापार महासंघ के महामंत्री एवं होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी, नवनिर्वाचित अध्यक्ष मनोज राठी, भाजपा शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन, एसोसिएशन पदाधिकारीगण तथा देशभर से आए MSME उद्यमी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

