कोटा। राष्ट्रीय मेला दशहरा 2025 के तहत मेला परिसर में परंपरागत तरीके से रावण दहन किया जाएगा। मेला समिति अध्यक्ष विवेक राजवंशी ने बताया कि परंपरानुसार भगवान लक्ष्मीनारायण जी की सवारी गढ़ पैलेस से 6.21 बजे रवाना होगी। दशहरा मैदान पर रियासत कालीन परंपरा से ज्वारा पूजन और श्री सीताजी के पाने का पूजन किया जाएगा। इसके बाद 7.21 से 8.21 के मध्य रावण दहन किया जाएगा।
गढ़ पैलेस में परम्परागत दरीखाना सजेगा। जिसमें हाड़ौती के पूर्व ठिकानों के प्रतिनिधि परम्परागत वेशभूषा में सज-धज कर मौजूद रहेंगे। गढ़ में भगवान लक्ष्मीनारायण की पूजा-अर्चना के बाद गढ़ के दरीखाने से राजसी वैभव और ठाट-बाट के साथ भगवान लक्ष्मीनारायण की सवारी निकाली जाएगी। सवारी गढ़ पैलेस से रवाना होकर किशोरपुरा दरवाजे से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी।
भगवान लक्ष्मी नारायण की सवारी में सबसे आगे हाथी और घुडसवार होंगे। वहीं ऊंटगाड़ी और बग्घी भी होगी। श्री राम, लक्ष्मण, सीता, सुग्रीव, अंगद, विभीषण, नल, नील, जामवंत, बाहुबली हनुमान, काली माता समेत विभिन्न झांकियां होंगी। शोभायात्रा में वानर सैनिक और रावण के सैनिक युद्ध करते हुए चलेंगे।
भगवान की सवारी के साथ ऊँट गाड़ी में युद्ध के नगाड़े बजते हुए युद्ध दृश्य बनाएंगे। रावण जटायु के बीच युद्ध का दृश्य जीवंत होगा। वहीं तुरही, ढोल, ताशे भी बजेंगे। मधुर स्वर लहरियां बिखेरते बैंड होंगे। साथ ही मशक बैंड, आर्मी बैंड और पुलिस बैंड भी होगा।
विभिन्न प्रदेशों की लोक कला का होगा प्रदर्शन
शोभायात्रा में अलग अलग प्रदेशों के लोक कलाकारों के दल नृत्य करते नजर आएंगे। राजस्थानी कच्ची घोड़ी नृत्य, कजरी नृत्य घूमर नृत्य, बिंदोरी नृत्य का प्रदर्शन होगा। वहीं सहरिया जनजाति तथा भील जनजाति की ओर से भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएगी। साथ ही, अरुणाचल प्रदेश का टपू नृत्य, पश्चिम बंगाल का छाऊ नृत्य और केरल का कुंभाटी नृत्य भी प्रदर्शित होगा। इस दौरान महिलाएं मंगल गीत गाते हुए चलेंगी।
स्पीकर बिरला और सीएम भजनलाल शर्मा होंगे अतिथि
राष्ट्रीय मेला दशहरा में गुरुवार को रावण दहन होगा। मेला समिति अध्यक्ष विवेक राजवंशी ने बताया कि रावण दहन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। साथ ही, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, विधायक शांति कुमार धारीवाल, संदीप शर्मा, कल्पना देवी भी मौजूद रहेंगे।

