एआई से कोटा के उद्योगों को मिलेगी नई पहचान, केंटर फेयर चाइना जाएंगे उद्योगपति
कोटा। एसएसआई एसोसिएशन, कोटा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना महत्वाकांक्षी विज़न डॉक्यूमेंट जारी किया है। जिसमें वर्ष भर का शहर के औद्योगिक विकास का रोडमैप घोषित किया गया है।
अध्यक्ष दीपक मेहता ने बुधवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि एसएसआई एसोसिशन का उद्देश्य हाड़ौती क्षेत्र को एक सशक्त और वैश्विक औद्योगिक पहचान दिलाना है। कोटा को एक ऐसा एमएसएमई हब बनाना है, जहाँ उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा का मंच मिल सके।
उन्होंने बताया कि सचिव समीर सूद और कोषाध्यक्ष राहुल जैन के नेतृत्व में गवर्निंग बोर्ड ने अपने कार्यकाल के पहले ही दिन एमएसएमई सेक्टर को मजबूती प्रदान करने के लिए एक परिणाम-उन्मुख कार्य योजना प्रस्तुत की है। इस दूरदर्शी विज़न को तैयार करने में मुख्य सलाहकार गोविंदराम मित्तल एवं सलाहकार मंडल के सदस्यों बीएल गुप्ता, विपिन सूद और कमलदीप सिंह का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।
दीपक मेहता ने बताया कि एसोसिएशन की कार्य योजना में ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर विशेष बल दिया गया है। जिसके तहत सरकारी विभागों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सीधे तालमेल हेतु समर्पित वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किए जाएंगे।
ग्लोबल एक्सपोजर तक की तैयारी
व्यापारिक विस्तार के लिए दिसंबर में ‘राजस्थान बिजनेस कॉन्क्लेव’ का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, नए उद्यमियों को मार्गदर्शन देने के लिए विवेक बिंद्रा और हर्षवर्धन जैन जैसे ख्याति प्राप्त वक्ताओं के सत्र आयोजित होंगे। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अक्टूबर में एक विशेष ‘ऑल वूमेन एंटरप्रेन्योर कॉन्क्लेव’ का आयोजन प्रस्तावित है। वैश्विक बाजार में कोटा की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए एसोसिएशन अक्टूबर में चीन के ‘कैंटन फेयर’ में 100 सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल भेजेगा।
एआई तकनीक और स्थानीय उत्पादों की ग्लोबल ब्रांडिंग
स्थानीय उत्पादों जैसे कोटा स्टोन, सैंडस्टोन और ऑरेंज प्रोसेसिंग की ग्लोबल मार्केटिंग के लिए प्रोफेशनल प्रोफाइलिंग की जाएगी। इसके अतिरिक्त, “वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा देने हेतु एसएसआई संवाद’ मैगज़ीन के माध्यम से सदस्यों के बीच व्यापार को प्रोत्साहित किया जाएगा। आधुनिक तकनीक के समावेशन हेतु एआई अवेयरनेस सेमिनार और स्टार्टअप्स के लिए “शार्क टैंक” मॉडल पर आधारित फंडिंग कॉन्क्लेव का आयोजन भी विज़न का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सटीक निगरानी और पारदर्शी प्रबंधन
सचिव समीर सूद और कोषाध्यक्ष राहुल जैन ने जमीनी कार्यान्वयन और पारदर्शी संसाधन प्रबंधन पर जोर दिया है। प्रवक्ता संजय गोयल ने बताया कि एसएसआई एसोसिएशन ने विज़न 2026-27 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों के लिए प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारियाँ सौंपी हैं। इसके तहत रीको विभाग का नेतृत्व मनोज अग्रवाल एवं आशुतोष जैन को दिया गया है। जबकि जिला उद्योग केंद्र और एमएसएमई की कमान अक्षय सिंह एवं कौशल बंसल संभालेंगे।
कोटा कलेक्टर, पुलिस और प्रशासन के साथ समन्वय की जिम्मेदारी संदीप साबू, कौशल बंसल और उमेश गोयल को दी गई है। प्रदूषण नियंत्रण के लिए नितिन अग्रवाल एवं शैलेष जैन तथा केईडीएल व जेवीवीएनएल विभाग हेतु नवेंदु द्विवेदी एवं मनोज जैन को नियुक्त किया गया है।
इसी क्रम में श्रम विभाग का कार्यभार नवेंदु द्विवेदी एवं अक्षय सिंह को सौंपा गया है। आई-स्टार्ट और कौशल विकास के लिए कपिल जैन एवं कुलदीप माथुर तथा जीएसटी व आयकर विभाग हेतु अनीश बिरला एवं अनुज माहेश्वरी को जिम्मेदारी दी गई है।
क्षेत्रीय व्यापार संघों के साथ समन्वय का कार्य ईशांत अरोड़ा, एमएस चौहान एवं उमेश गोयल करेंगे। इसके अतिरिक्त बड़े पैमाने के उद्योगों हेतु अनिमेश जैन एवं सुरेश अग्रवाल तथा हॉस्टल एवं शिक्षा क्षेत्र के लिए पंकज जैन एवं एमएस चौहान को नेतृत्व प्रदान किया गया है।
कोटा स्टोन को मिलेगी वैश्विक पहचान
‘कोटा स्टोन’ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए एसएसआई एसोसिएशन ने अपने विजन 2026-27 में विशेष कार्ययोजना शामिल की है। इस पहल के तहत कोटा स्टोन और सैंडस्टोन जैसे क्षेत्रीय उत्पादों की गुणवत्ता को दुनिया के सामने लाने के लिए उनकी प्रोफेशनल प्रोफाइलिंग की जाएगी। जिससे वैश्विक बाजारों में प्रभावी मार्केटिंग संभव हो सके। ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती देते हुए एसोसिएशन अपनी ‘एसएसआई संवाद’ मैगजीन के माध्यम से सदस्यों के बीच इन स्थानीय उत्पादों के उपयोग और व्यापार को निरंतर प्रोत्साहित करेगा। इस रणनीतिक प्रयास का उद्देश्य स्थानीय खदान मालिकों और प्रोसेसिंग इकाइयों को सीधा वैश्विक मंच प्रदान करना है। जिससे कोटा का यह पारंपरिक उद्योग आधुनिक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बन सके।

