नई दिल्ली। चालू सीजन के दौरान देश में कलौंजी का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में अधिक होने के समाचार हैं। कलौंजी का मुख्यत उत्पादन मध्य प्रदेश, गुजरात एवं राजस्थान में होता है। जानकार सूत्रों का कहना है कि गुजरात में इस वर्ष कलौंजी की बिजाई लगभग दो गुणा क्षेत्रफल पर की गई है। जबकि मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में बिजाई का क्षेत्रफल गत वर्ष के समान रहा है। बिजाई के पश्चात मौसम भी फसल के अनुकूल रहा जिस कारण से मार्च माह में आने वाली फसल की क्वालिटी प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बेहतर आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
कारोबारियों का मानना है कि फसल की स्थिति अच्छी होने के कारण मध्य प्रदेश में इस वर्ष कलौंजी का उत्पादन 1.40/1.50 लाख क्विंटल के आसपास रहेगा। जबकि गुजरात में लगभग 1 लाख क्विंटल कलौंजी की पैदावार होने के अनुमान है। राजस्थान में उत्पादन अनुमान 50/60 हजार क्विंटल के लगाए जा रहे है। कुल मिलाकर वर्ष 2025 के दौरान देश में कलौंजी उत्पादन लगभग 3 लाख क्विंटल रहने की संभावना है। जबकि वर्ष 2024 में उत्पादन 2/2.25 लाख क्विंटल एवं वर्ष 2023 में उत्पादन 3.74/4 लाख क्विंटल माना गया था।
उत्पादक केन्द्रों पर बकाया स्टॉक कम रह जाने एवं हाजिर में ग्राहकी निकलने के कारण चालू सप्ताह के दौरान कलौंजी के दामों में 5/8 रुपए प्रति किलो की तेजी दर्ज की गई है और मध्य प्रदेश की नीमच मंडी में कलौंजी का भाव बढ़कर 180/182 रुपए प्रति किलो हो गया है। सूत्रों का मानना है कि नए मालों की आवक शुरू होने तक बाजार मजबूत बने रहेंगे। होली के पश्चात मंडियों में नए मालों की आवक शुरू हो जाएगी तत्पश्चात अप्रैल माह में भाव अल्पकाल के लिए घट सकते है अधिक मंदे की संभावना नहीं है क्योंकि कुल उपलब्धता कमजोर रहेगी।
खपत एवं उपलब्धता
हालांकि यह सच है कि चालू सीजन के दौरान देश में कलौंजी का उत्पादन अधिक रहेगा। लेकिन बकाया स्टॉक कम रहने के कारण कुल उपलब्धता खपत की तुलना में कम रहेगी। व्यापारियों का कहना है कि कलौंजी की सालाना खपत लगभग 4 लाख क्विंटल के आसपास रहती है लेकिन चालू वर्ष के दौरान नई पैदावार 3 लाख क्विंटल एवं बकाया स्टॉक 40/50 हजार क्विंटल को मिलाकर उपलब्धता 3.50 लाख क्विंटल के आसपास रहेगी। जिस कारण नए मालों की आवक घटने के साथ ही कीमतों में सुधार संभव है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014-15 के दौरान कलौंजी का रिकॉर्ड भाव 300/310 रुपए प्रति किलो का बन गया था।

