नई दिल्ली। कच्चे तेल की कीमत में आज करीब 8 फीसदी उछाल आई है जो एक हफ्ते में इसका उच्चतम स्तर है। ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी मिडिल ईस्ट में कई एनर्जी फैसिलिटीज को निशाना बनाया है।
इससे कच्चे तेल की कीमत में तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड अभी आठ डॉलर से अधिक तेजी के साथ 115.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है जो 9 मार्च के बाद इसका उच्चतम स्तर है।
साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ा नेचुरल गैस भंडार है। इसे ईरान और अमेरिका का सहयोगी देश कतर साझा करता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इस हमले को इजरायल ने अंजाम दिया।
अमेरिका और कतर इसमें शामिल नहीं थे। उन्होंने साथ ही कहा कि इजरायल अब साउथ पार्श में ईरानी फैसिलिटीज पर हमले नहीं करेगा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने कतर पर हमला किया तो अमेरिका इसका माकूल जवाब देगा।
पश्चिम एशिया में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। अमेरिका वहां हजारों सैनिकों को तैनात करने पर विचार कर रहा है। इससे होर्मुज की खाड़ी से लंबे समय तक तेल की सप्लाई बाधित रह सकती है। दुनिया की कुल सप्लाई का करीब 20 फीसदी हिस्सा इसी क्षेत्र से गुजरता है।
अगर ऐसा होता है तो यह भारत के लिए चिंता की बात है क्योंकि भारत का करीब आधा तेल इसी रास्ते से आता है। साथ ही बड़ी मात्रा भी गैस इसी रास्ते से भारत आती है। भारत अपनी जरूरत का करीब 90 फीसदी तेल आयात करता है।
तेल की कीमत में उछाल से आज घरेलू शेयर बाजार में भारी गिरावट आई। सेंसेक्स में कारोबार के दौरान करीब 2,500 अंक की गिरावट आई। कच्चे तेल की कीमत में उछाल और इसकी टाइट सप्लाई से चौथी तिमाही में कंपनियों का प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है।
वेस्ट एशिया में चल रही लड़ाई से एविएशन, फर्टिलाइजर, पेंट, केमिकल्स, टायर, सिरैमिक्स, लॉजिस्टिक्स, ग्लास और सीमेंट कंपनियों पर सबसे ज्यादा असर हो सकता है।

